NEXT 26 जुलाई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। कस्बे के श्रीडूंगरगढ़ महाविद्यालय में रविवार को 9 भामाशाहों के आर्थिक सहयोग से करीब 1 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 6 नवीन कक्षा-कक्षों और अत्याधुनिक विज्ञान लैब का लोकार्पण समारोहपूर्वक किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक ताराचंद सारस्वत ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा ही विद्यार्थियों का उज्ज्वल भविष्य तय करती है और शिक्षा के क्षेत्र में किया गया दान समाज व राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी पूंजी है।

कार्यक्रम में महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने अतिथियों के साथ महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण किया। विधायक सारस्वत ने कहा कि श्रीडूंगरगढ़ महाविद्यालय क्षेत्र का सबसे पुराना सह-शिक्षण संस्थान है। उन्होंने संस्कृत श्लोक “सुक्षेत्रे वापयेद्बीजं सुपात्रे निक्षिपेत् धनम्…” का उल्लेख करते हुए कहा कि अच्छे कार्य में लगाया गया धन कभी व्यर्थ नहीं जाता। शिक्षा के क्षेत्र में भामाशाहों का यह योगदान आने वाली पीढ़ियों के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने नई शिक्षा नीति के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने राज्य सरकार की उच्च शिक्षा और कौशल विकास योजनाओं की जानकारी दी। वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. उमाकांत गुप्त ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को समय की आवश्यकता बताया।
प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण सोमाणी ने महाविद्यालय के विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कमी नहीं आने देने का भरोसा दिलाया। भामाशाह देवीप्रसाद मूंधड़ा ने कहा कि धन का सदुपयोग ही समाज को मजबूत बनाता है। प्रबंध समिति सचिव श्याम महर्षि ने बताया कि महाविद्यालय शैक्षणिक और खेल गतिविधियों में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। इस सत्र में विश्वविद्यालय स्तर पर गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले 15 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और नकद राशि देकर सम्मानित किया गया।
वार्षिक परिचायिका का विमोचन, मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
समारोह में अतिथियों ने महाविद्यालय की वार्षिक परिचायिका का विमोचन किया। इसमें संस्थान की उपलब्धियों और भामाशाहों के योगदान को शामिल किया गया है। खेल और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का भी सम्मान किया गया।
प्रबंध समिति अध्यक्ष हरिशंकर बाहेती ने सभी दानदाताओं का आभार जताया। उपसचिव रामचंद्र राठी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन रवि पुरोहित एवं भगवती देवी पारीक ने संयुक्त रूप से किया। अंत में प्राचार्य डॉ. विनोद सुथार ने महाविद्यालय की वार्षिक गतिविधियों की जानकारी दी।
समारोह में श्रीगोपाल राठी (नागपुर), एडवोकेट श्याम सुंदर आर्य, भंवरलाल भोजक, ताराचंद इंदौरिया, सत्यनारायण मूंधड़ा, सत्यनारायण योगी, महावीर प्रसाद माली, विजय महर्षि, सरस्वती देवी राठी, अंजू पारख, पवन राठी, वसुधा बाहेती, दुर्गा देवी सोनी, संजूदेवी तापड़िया, पायल शर्मा, सत्यदीप, बजरंग शर्मा, मदन सैनी सहित महाविद्यालय का स्टाफ एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

























