NEXT 11 अगस्त, 2026 श्रीडूंगरगढ़। आचार्य महाश्रमण के शिष्य मुनि जिनेशकुमार के पावन सान्निध्य में चल रही धर्म आराधना के दौरान श्रीडूंगरगढ़ निवासी एवं कोलकाता प्रवासी राजस्थान गौरव भीखमचंद पुगलिया ने 12 दिवसीय कठिन निराहार तपस्या पूर्ण की। सोमवार को उन्होंने विधिवत पारणा किया। पुगलिया पूर्व में भी मासखमण (30 दिन निराहार) सहित अनेक कठिन तप कर चुके हैं।

तपस्या के दौरान उनकी धर्मपत्नी सुशीला पुगलिया ने निरंतर सहयोग और उत्साहवर्धन किया। तपस्या पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भजन एवं धर्मसभा का आयोजन हुआ। इसमें श्रीडूंगरगढ़ समाज के श्रद्धालुओं के साथ कोलकाता की विभिन्न प्रतिष्ठित जैन संस्थाओं के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए।
धर्मसभा में भक्ति और श्रद्धा का माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने तपस्वी के तप की अनुमोदना करते हुए धर्म आराधना में सहभागिता निभाई। तेरापंथ समाज सहित विभिन्न संस्थाओं के गणमान्य श्रावक एवं पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने पुगलिया की धार्मिक साधना की सराहना करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और सफल तप की मंगलकामना की।




























