कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम को लेकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
NEXT 11 अगस्त, 2026 श्रीडूंगरगढ़। राजकीय विधि महाविद्यालय बीकानेर में कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम-2013 को लेकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को कार्यस्थल पर उनके सम्मान, गरिमा एवं सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना रहा।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. भगवाना राम बिश्नोई ने बताया कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए कानून की जानकारी और जागरूकता जरूरी है। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता अधिकार मित्र प्रतिमा तिवाड़ी ने अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने लैंगिक उत्पीड़न की अवधारणा, कार्यस्थल की परिभाषा, शिकायत प्रक्रिया, आंतरिक शिकायत समिति और नियोक्ता के दायित्वों के बारे में विस्तार से बताया।
तिवाड़ी ने कहा कि प्रत्येक महिला को अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए। महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यस्थल उपलब्ध कराना केवल कानूनी दायित्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका तथा शिकायतों के निष्पक्ष और संवेदनशील निस्तारण पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन सहायक आचार्य डॉ. शिव शंकर व्यास ने किया। उन्होंने कहा कि लैंगिक उत्पीड़न के खिलाफ प्रभावी कानून के साथ सामाजिक जागरूकता और संवेदनशीलता भी जरूरी है। विधि विद्यार्थियों की भूमिका इस दिशा में महत्वपूर्ण है। अंत में प्रोफेसर डॉ. कुमुद जैन ने आभार जताया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थी एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।





















