NEXT 18 अगस्त, 2026 श्रीडूंगरगढ़। आशीदेवी सिंघी पत्नी राजमल सिंघी (75) का मंगलवार को निधन हो गया। जीवन की अंतिम यात्रा से पहले उनके परिवार ने नेत्रदान का संकल्प पूरा कर मानव सेवा की मिसाल पेश की। परिजनों की सहमति से हुए नेत्रदान से दो दृष्टिहीन लोगों के जीवन में रोशनी आने की उम्मीद है।

नेत्रदान के लिए पुत्र धनराज, पुत्रवधू मोहिनीदेवी सिंघी, जेठूते प्रताप व प्रकाश सिंघी , पुत्री सुमन-सुप्यार सहित परिवारजनों ने सहमति दी। नेत्रदान के लिए अशोक बैद एवं मोहित बैद की प्रेरणा रही। तेरापंथ युवक परिषद के संयोजक अशोक झाबक के नेतृत्व में नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी करवाई गई। प्राणनाथ हॉस्पिटल सरदारशहर के भंवरलाल प्रजापत एवं दिनेश शर्मा ने नेत्र संग्रह किए।
इस दौरान तेयुप अध्यक्ष विक्रम मालू, उपाध्यक्ष चमन श्रीमाल, इन्द्रचन्द बैद, रजत सिंघी, दीपक छाजेड़, राजकुमार झाबक, रामा स्वामी, प्रदीप मालू, मुन्ना जाट, काना नाई, चन्द्रसैन झाबक, अमित चौपड़ा, रणजीत सेठिया, कमल झाबक, कमल बोथरा, मालचन्द तातेड़ सहित परिवारजन एवं समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
तेरापंथ युवक परिषद एवं तेरापंथ किशोर मंडल ने आशीदेवी सिंघी के नेत्रदान की अनुमोदना करते हुए समाज के लोगों से मरणोपरांत नेत्रदान के लिए आगे आने का आह्वान किया। परिषद ने कहा कि नेत्रदान किसी जरूरतमंद के जीवन में उजाला लाने का माध्यम है। अभातेयुप के पवन मांडोत के निर्देशन में चल रहे नेत्रदान अभियान के तहत भी लोगों को इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है।





















