ऋषिकुल संस्कृत विद्यालय के 25वें स्थापना दिवस पर होगा भव्य धार्मिक आयोजन, ऋषिकेश के दण्डी स्वामी रामानन्द तीर्थ महाराज का मिलेगा पावन सान्निध्य
NEXT 10 अक्टूबर, 2026 श्रीडूंगरगढ़। धर्म की जय, अधर्म के नाश और विश्व कल्याण की मंगलकामना के साथ श्रीडूंगरगढ़ में शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर भव्य धार्मिक आयोजन होगा। ऋषिकुल संस्कृत विद्यालय के 25वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में 11 से 20 अक्टूबर 2026 तक नौकुण्डीय शतचण्डी महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञाहुतियों और मां भगवती की आराधना से वातावरण भक्तिमय बनेगा।
मां सरस्वती चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित होने वाला यह महायज्ञ ऋषिकुल संस्कृत विद्यालय परिसर में संपन्न होगा। यज्ञ का समय प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक रहेगा। काशी के यज्ञाचार्य दिवाकर मिश्रा के आचार्यत्व में वैदिक विधि-विधान से यज्ञ संपन्न होगा। आयोजन में ऋषिकेश के 1008 दण्डी स्वामी रामानन्द तीर्थ महाराज का पावन सान्निध्य प्राप्त होगा।
इन यजमानों के सान्निध्य में होगा यज्ञ
महायज्ञ में मुख्य यजमान के रूप में सत्यनारायणजी तावणियां, कमलकिशोर सोमानी, सरदाराराम बाना, कुनण बोहरा (बीकानेर), ओमप्रकाश सुशीलकुमार मूंधड़ा (बिग्गा बास), ओमप्रकाश राजकुमार पियूष सोनी (माहेश्वरी) तथा कुनणमल फुसाराम बोहरा शामिल होंगे।
ट्रस्ट पदाधिकारियों ने की धर्मप्रेमियों से भागीदारी की अपील
मां सरस्वती चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष ओमप्रकाश राठी, उपाध्यक्ष देवीलाल उपाध्याय, मंत्री कुंदनमल बोहरा (बीकानेर) और कोषाध्यक्ष नारायण पुरोहित सहित सहयोगी हीरालाल पाण्डिया, कमलकिशोर सोमानी, ओमप्रकाश पाण्डिया और रामकिशन सारस्वत आयोजन की तैयारियों में सहयोग कर रहे हैं। ट्रस्ट की ओर से धर्मप्रेमियों से महायज्ञ में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने और विश्व कल्याण की मंगलकामना में सहभागी बनने का आह्वान किया गया है।
यजमान बनने का भी मिलेगा अवसर
महायज्ञ में एक दिन के यजमान बनने के लिए 2100 रुपए निर्धारित किए गए हैं। इच्छुक श्रद्धालु मोबाइल नंबर 9413887303, 7285019000 और 9414429246 पर संपर्क कर सकते हैं। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था, वैदिक परंपरा और संस्कृत शिक्षा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है।





























