श्रीडूंगरगढ़ में 73 लाख 56 हजार रुपए के दो वाहनों का मामला, जरिये इस्तगासे दो जनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज
NEXT 31 अक्टूबर, 2026 श्रीडूंगरगढ़। दो ट्रक खरीदने के बाद उनकी फाइनेंस की किस्तें चुकाने और नामांतरण करवाने का इकरार किया, लेकिन खरीदारों ने न तो पूरी किस्तें जमा करवाईं और न ही वाहन अपने नाम करवाए। उलटे वाहन मालिक को धमकियां देने का आरोप भी लगाया गया है। मामला श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र का है, जहां दो अलग-अलग ट्रकों की खरीद-बिक्री को लेकर जरिये इस्तगासे पुलिस ने दो व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया है।
एक ट्रक 50.24 लाख में बेचा, 34 में से सिर्फ 3 किस्तें भरीं
गुसाईंसर बड़ा निवासी मुखराम पुत्र कैलाशचंद जाट ने बताया कि उसका टाटा प्रेमा ट्रक (RJ 07 GE 4536) उसने 17 जून 2026 को बाना निवासी राधेश्याम बाना पुत्र गोविंदराम को 50 लाख 24 हजार रुपए में इकरारनामे के जरिए बेचा था। वाहन पर श्रीराम फाइनेंस कंपनी की 29 लाख 24 हजार रुपए की किस्तें बकाया थीं, जिन्हें खरीदार को चुकाना था। परिवाद के अनुसार, कुल 34 बकाया किस्तों में से आरोपी ने केवल तीन किस्तें जमा करवाईं। वाहन और उसके दस्तावेज सुपुर्द करने के बावजूद नामांतरण भी नहीं करवाया।
दूसरे ट्रक की 33 में से सिर्फ 3 किस्तें जमा करवाईं
परिवादी के अनुसार, उसकी पत्नी अनसुइया के नाम पंजीकृत टाटा सिग्ना ट्रक (RJ 14 GJ 3284) को उसने मुख्त्यार आम होने के नाते 9 जून 2026 को भरपालसर निवासी ओमप्रकाश मेघवाल पुत्र मांगीलाल को 23 लाख 32 हजार रुपए में बेचा था। इस वाहन पर करीब 5 लाख 50 हजार रुपए की फाइनेंस राशि बकाया थी। इसकी कुल 33 बकाया किस्तों में से आरोपी ने केवल तीन किस्तें जमा करवाईं। इस वाहन का नामांतरण भी नहीं करवाया गया।
फोन पर धमकाने का आरोप, अब जांच में जुटी पुलिस
परिवाद में बताया गया कि 19 सितंबर को बिहार ट्रांसपोर्ट से फोन आया कि वाहन में लोड गेहूं का माल चालक द्वारा बेच दिया गया है। इस पर परिवादी ने वाहन बेचने की जानकारी दी और दोनों खरीदारों से बकाया किस्तें जमा करवाने तथा नामांतरण करवाने के लिए संपर्क किया। आरोप है कि दोनों ने जल्द कार्रवाई करने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में किस्तें जमा करवाने और वाहन अपने नाम करवाने से इनकार कर दिया। परिवादी ने आरोप लगाया कि उसे वाहन अवैध कामों में चलाकर जेल भिजवाने और फोन करने पर देख लेने की धमकियां भी दी गईं।
जरिये इस्तगासे पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और प्रकरण की जांच एएसआई राजकुमार को सौंपी गई है।




















