2027 की परीक्षाओं से नई उत्तर पुस्तिकाएं लागू, मूल्यांकन में होगी आसानी; पुरानी मुख्य कॉपियां नहीं आएंगी काम
NEXT 7 नवम्बर, 2026 श्रीडूंगरगढ़। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में वर्ष 2027 से उत्तर पुस्तिकाओं का प्रारूप बदलने जा रहा है। करीब 17 साल बाद बोर्ड मुख्य उत्तर पुस्तिका के स्वरूप में बदलाव कर रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब परीक्षार्थियों को 40 प्रश्नों की अलग-अलग केजिंग वाली उत्तर पुस्तिकाएं दी जाएंगी। प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर इनका इस्तेमाल अनिवार्य होगा।
नई उत्तर पुस्तिकाओं में प्रत्येक प्रश्न के लिए अलग-अलग केजिंग की गई है। इससे परीक्षार्थियों को प्रश्नवार उत्तर लिखने और परीक्षकों को मूल्यांकन के दौरान संबंधित उत्तर तलाशने में आसानी होगी। उत्तरों का क्रम व्यवस्थित रहने से जांच प्रक्रिया भी अधिक सुगम हो सकेगी।
पुरानी मुख्य उत्तर पुस्तिकाएं नहीं होंगी इस्तेमाल
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर पिछले वर्षों की बची हुई मुख्य उत्तर पुस्तिकाओं का वर्ष 2027 की परीक्षाओं में किसी भी स्थिति में उपयोग नहीं किया जाएगा। परीक्षा समाप्त होने के बाद इन पुरानी कॉपियों को उपस्थिति पत्रकों के साथ 300-300 के पैकेट बनाकर सुरक्षित रखा जाएगा। पैकेट पर ‘अनुपयोगी रिक्त उत्तर पुस्तिकाएं’ अंकित कर इन्हें संग्रहण केंद्र पर जमा करवाना होगा।
अतिरिक्त कॉपी के लिए पुराना स्टॉक होगा उपयोग
नई व्यवस्था में मुख्य उत्तर पुस्तिका पहले की तरह 8 पेज की मिलेगी। यदि किसी परीक्षार्थी को अतिरिक्त कॉपी की आवश्यकता होती है तो उसे परीक्षा केंद्र पर पहले से उपलब्ध 8 पेज की एक्स्ट्रा आंसरशीट दी जा सकेगी। यानी मुख्य उत्तर पुस्तिका का प्रारूप नया होगा, जबकि अतिरिक्त कॉपी के लिए पुराने स्टॉक का इस्तेमाल किया जाएगा।
बीकानेर में भी नई व्यवस्था की तैयारी
बोर्ड सचिव कैलाश चंद्र शर्मा ने बताया कि अजमेर सहित प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को नई उत्तर पुस्तिकाओं के संबंध में अवगत करा दिया गया है। माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक परीक्षाओं के लिए नई कॉपियां संबंधित ट्रांसपोर्ट स्टेशन पर भेजी जाएंगी। प्रवेशिका और वरिष्ठ उपाध्याय परीक्षाओं में भी नई उत्तर पुस्तिकाओं का इस्तेमाल होगा।
बीकानेर के जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) राम गोपाल शर्मा ने बताया कि बोर्ड ने कॉपियों का पैटर्न बदल दिया है। जिले में जितने विद्यार्थी परीक्षा देंगे, उसी हिसाब से नई कॉपियों की मांग बोर्ड को भेजी जाएगी। नया पैटर्न करीब 10 साल बाद आया है और पुरानी कॉपियां अतिरिक्त जरूरत के समय काम आएंगी।
हर साल करीब एक करोड़ कॉपियों की बचत
बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में हर साल बड़ी संख्या में उत्तर पुस्तिकाओं की जरूरत पड़ती है। वर्ष 2026 में दोनों कक्षाओं में करीब 19.78 लाख परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें 10वीं के 10.68 लाख और 12वीं के 9.10 लाख विद्यार्थी शामिल थे। प्रत्येक विद्यार्थी के औसतन पांच विषयों की परीक्षा देने और हर विषय में एक मुख्य उत्तर पुस्तिका इस्तेमाल करने के अनुमान से करीब 99 लाख मुख्य कॉपियों की आवश्यकता होती है। अतिरिक्त कॉपियों को जोड़ने पर यह संख्या करीब 1.18 करोड़ तक पहुंच सकती है। इस बार परीक्षार्थियों की संख्या 20 लाख से अधिक है।





































