NEXT 25 अगस्त, 2026 श्रीडूंगरगढ़। निकाय चुनाव की आहट के साथ शहर की सियासत अब दिन से निकलकर रात तक पहुंच गई है। वार्डों में टिकट की जोड़-तोड़ से लेकर दावेदारों के शक्ति प्रदर्शन तक, चुनावी चटकारा खूब देखने को मिल रहा है। कोई पसंदीदा पार्टी से टिकट की आस लगाए बैठा है तो कोई टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय या दूसरे मंच से मैदान में उतरने का संकेत दे रहा है। इसी बीच किसी ने यह कहकर माहौल को और चटपटा बना दिया कि इस बार पार्षद का चुनाव एक बड़े राजनेता द्वारा भी लड़ा जा सकता है…. क्योंकि निकाय प्रमुख पद तक पहुंचने का यही रास्ता है।

वार्ड 33 : रात 12 बजे तक बैठकी, सेठिया के नाम पर हुंकार
वार्ड 33 में चंद्रप्रकाश सेठिया के साथ वार्डवासियों की बैठक रात करीब 12 बजे तक चली। इस दौरान मौजूद वार्डवासियों ने सेठिया को ही पार्षद बनाने की बात कहते हुए अपनी पसंद जाहिर की। सेठिया ने भी कहा कि पिछली बार वार्डवासियों ने उनकी पत्नी को पार्षद बनाकर सेवा का मौका दिया था। इस बार वार्डवासी जो कहेंगे, वे उसी फैसले के साथ खड़े रहेंगे। यानी दावेदारी तो हमारी परन्तु मोहर वार्डवासियों की।

वार्ड 22 : टिकट से पहले ‘कठोर परीक्षा’
वार्ड 22 में मंथन कार्यालय इन दिनों सियासी परीक्षा केंद्र बना हुआ है। पार्षद बनने के इच्छुक दावेदारों से जमकर मंथन किया जा रहा है। कोशिश यही है कि जिसे टिकट मिले, वह जीतने के बाद वार्डवासियों की उम्मीदों पर खरा उतरे। यानी यहां सिर्फ टिकट की चाह नहीं, टिकट से पहले दावेदारों की ‘काबिलियत की परीक्षा’ भी हो रही है।
वार्ड 30 : बरड़िया परिवार की तीसरी पारी
वार्ड 30 में हेमराज बरड़िया की दावेदारी भी चर्चा में है। आखिर दावेदारी हो भी क्यों न… पिछली बार वार्डवासियों ने उनकी पुत्री को पार्षद बनाकर पालिका भेजा था। इससे पहले हेमराज के पिता भी पालिकाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। अब बरड़िया परिवार से हेमराज मैदान में उतरने की तैयारी में हैं तो वार्ड की राजनीति में परिवार की पकड़ और चुनावी विरासत दोनों की चर्चा होना लाजिमी है।
कुल मिलाकर शहर में चुनावी पारा चढ़ चुका है। कहीं देर रात तक बैठकी चल रही है, कहीं टिकट के लिए ‘परीक्षा’ हो रही है और कहीं पुरानी राजनीतिक विरासत के सहारे नई दावेदारी सामने आ रही है। टिकट बंटने से पहले ही वार्डों में चुनावी तस्वीर के रंग गहरे होने लगे हैं।



















