लाउडस्पीकर के लिए अनुमति जरूरी, रात 10 से सुबह 6 बजे तक प्रतिबंध; सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट भी कार्रवाई के दायरे में
NEXT 7 अक्टूबर, 2026 श्रीडूंगरगढ़। पंचायत राज आम चुनाव 2026 को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए जिला प्रशासन ने जिले में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए हैं। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट निशान्त जैन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए हैं। ये आदेश 29 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।
आदेश के तहत बीकानेर, नोखा, पांचू, जसरासर, खाजूवाला, पूगल, छत्तरगढ़, रूणिया, हंदा, बीठनोक, बज्जू, कोलायत, श्रीडूंगरगढ़, रिडी और लूणकरणसर पंचायत समिति क्षेत्रों में हथियार लेकर चलने और सार्वजनिक प्रदर्शन पर रोक रहेगी। रिवॉल्वर, पिस्टल, बंदूक, बीएल गन, राइफल के साथ तलवार, गंडासा, फरसा, चाकू, भाला, कृपाण सहित अन्य धारदार हथियार लेकर चलना प्रतिबंधित रहेगा।
हालांकि कानून-व्यवस्था में तैनात बीएसएफ, आरएसी, पुलिस, होमगार्ड और अधिकृत अधिकारियों-कर्मचारियों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। सिख समुदाय के लोगों को धार्मिक परंपरा के अनुसार कृपाण रखने की छूट रहेगी। शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए निरीक्षण या पुलिस थाने में जमा कराने के लिए हथियार ले जाने पर भी आदेश लागू नहीं होगा। वृद्ध एवं दिव्यांग व्यक्तियों की सहारे के लिए इस्तेमाल होने वाली लाठी और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों को भी छूट दी गई है।
लाउडस्पीकर बजाने के लिए लेनी होगी लिखित अनुमति
चुनाव प्रचार के दौरान जुलूस, सभा या सार्वजनिक बैठक में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति जरूरी होगी। ध्वनि विस्तारक यंत्र सुबह 6 से रात 10 बजे तक ही निर्धारित डेसीबल सीमा में इस्तेमाल किए जा सकेंगे। रात 10 से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर पूरी तरह रोक रहेगी।
मतदान समाप्ति से 48 घंटे पहले से मतदान केंद्र के 100 मीटर क्षेत्र में लाउडस्पीकर नहीं बजाया जा सकेगा। अस्पताल, स्कूल और धार्मिक स्थलों की 100 मीटर परिधि में भी लाउडस्पीकर का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। वाहन पर लाउडस्पीकर लगाने के लिए अनुमति लेते समय वाहन नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर और वाहन का प्रकार बताना होगा।
रैली-जुलूस के लिए भी पूर्व अनुमति जरूरी
पुलिस विभाग के अधिकृत अधिकारी की अनुमति के बिना रैली, जुलूस, आमसभा या धरना आयोजित नहीं किया जा सकेगा। बारात और शवयात्रा को इससे छूट दी गई है। चुनाव प्रचार के दौरान वाहनों से यातायात बाधित करने पर भी रोक रहेगी।
अभ्यर्थी या राजनीतिक दल किसी अन्य प्रत्याशी के निजी जीवन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी या प्रचार नहीं कर सकेंगे। धर्मस्थलों का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए करने पर भी रोक रहेगी।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने पर भी कार्रवाई
चुनाव अवधि में विस्फोटक, अत्यधिक ज्वलनशील या घातक रासायनिक पदार्थ लेकर चलने पर रोक रहेगी। साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले पोस्टर, बैनर, पंपलेट या अन्य चुनाव सामग्री छापने-छपवाने पर कार्रवाई होगी। फेसबुक, एक्स, व्हाट्सऐप, यूट्यूब और इंस्टाग्राम सहित सोशल मीडिया पर धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या दुष्प्रचार फैलाने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
मतदान केंद्र के 100 मीटर में प्रचार नहीं
मतदान दिवस पर मतदान केंद्र के 100 मीटर क्षेत्र में चुनाव प्रचार और मतदाताओं से वोट मांगना प्रतिबंधित रहेगा। राजनीतिक दल और प्रत्याशी मतदान केंद्र से 200 मीटर की परिधि में कैंप नहीं लगा सकेंगे। 100 मीटर क्षेत्र में पांच या अधिक अनधिकृत एवं अवांछित लोगों के एकत्र होने पर भी रोक रहेगी।
मतदान और मतगणना केंद्र की 100 मीटर परिधि में मोबाइल फोन, सेल फोन या वायरलेस लेकर जाने पर रोक रहेगी। चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारी-कर्मचारियों को इससे छूट होगी। प्रत्याशी या राजनीतिक दल अपने परिवार के सदस्यों के अलावा अन्य मतदाताओं को वाहनों से मतदान केंद्र तक लाने-ले जाने की व्यवस्था नहीं कर सकेंगे।
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद विजय जुलूस निकालने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
आदेश की अवहेलना भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 223 सहित अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत दंडनीय होगी।



















