NEXT 23 नवम्बर, 2025 श्रीडूंगरगढ़। राजस्थान में कांग्रेस ने बड़ा फेरबदल करते हुए 50 में से 45 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। यह बदलाव राहुल गांधी के रायशुमारी मॉडल के तहत किया गया। इस प्रक्रिया के दौरान अलग-अलग जिलों में पर्यवेक्षकों ने नेताओं की राय ली और प्रत्येक जिले से छह नामों का पैनल तैयार कर हाईकमान को भेजा। रिपोर्ट पर संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और वरिष्ठ नेताओं की चर्चा के बाद अंतिम सूची राहुल गांधी ने फाइनल की।

12 मौजूदा विधायकों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
कांग्रेस ने इस बार संगठन को मजबूत करने और ज़मीन से जुड़े नेतृत्व को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से 12 विधायकों को जिलाध्यक्ष बनाया है। इनमें अजमेर ग्रामीण से विकास चौधरी, बांसवाड़ा से अर्जुन सिंह बामणिया, डीडवाना-कुचामन से जाकिर हुसैन गैसावत, धौलपुर से संजय जाटव, जयपुर ग्रामीण वेस्ट से विद्याधर सिंह चौधरी, डूंगरपुर से गणेश घोघरा, झुंझुनूं से रीटा चौधरी, जोधपुर ग्रामीण से गीता बरवड़, करौली से घनश्याम मेहर, सवाई माधोपुर से इंद्रा मीणा, श्रीगंगानगर से रूपिंदर सिंह कुन्नर और चूरू से मनोज मेघवाल शामिल हैं।
पूर्व विधायकों की भी वापसी
पार्टी ने 5 जिलों में पूर्व विधायकों को जिम्मेदारी सौंपते हुए संगठनात्मक अनुभव को प्राथमिकता दी है। इनमें अजमेर शहर में राजकुमार जयपाल, जयपुर ग्रामीण में गोपाल मीणा, भीलवाड़ा ग्रामीण में पूर्व मंत्री रामलाल जाट, कोटपूतली-बहरोड़ में इंद्राज गुर्जर और उदयपुर ग्रामीण में रघुवीर सिंह मीणा शामिल हैं।
8 जिलाध्यक्षों को दोबारा मौका
कांग्रेस ने 8 जिलों में मौजूदा जिलाध्यक्षों को ही आगे जारी रखने का फैसला किया है। इनमें भरतपुर के दिनेश सिंह सूपा, बीकानेर ग्रामीण के बिशनाराम सियाग, दौसा के रामजीलाल ओड, कोटा ग्रामीण के भानुप्रताप सिंह, सीकर की सुनीता गठाला, उदयपुर शहर के फतेह सिंह राठौड़ और जयपुर ग्रामीण में फिर से गोपाल मीणा को मौका दिया गया है। इसके अलावा जाकिर हुसैन गैसावत को नागौर के स्थान पर नए बने कुचामन-डीडवाना जिले की कमान दी गई है।
5 जिलों में अभी भी फैसला लंबित
जयपुर शहर, प्रतापगढ़, राजसमंद, बारां और झालावाड़ में जिलाध्यक्ष की घोषणा नहीं हो सकी है। इनमें बारां और झालावाड़ में उपचुनाव के कारण रायशुमारी नहीं हुई, जबकि जयपुर, प्रतापगढ़ और राजसमंद में चयन को लेकर अभी भी सहमति नहीं बन पाई है।
जातीय और महिला प्रतिनिधित्व का संतुलन
कांग्रेस ने नियुक्तियों में सामाजिक संतुलन को भी ध्यान में रखा है। 45 जिलाध्यक्षों में 16 ओबीसी, 9 एससी, 8 एसटी, 8 सामान्य वर्ग और 4 अल्पसंख्यक वर्ग से हैं। साथ ही 7 महिलाओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है, जो संगठन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है।
चुनावी तैयारी के संकेत
राजस्थान में यह नई जिला टीम कांग्रेस के अगले राजनीतिक अभियान और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लक्ष्य के साथ देखी जा रही है। माना जा रहा है कि कांग्रेस इन नियुक्तियों के जरिए आगामी चुनावों से पहले जमीन पर पकड़ मजबूत करना चाहती है।




















