NEXT 11 अगस्त, 2026 श्रीडूंगरगढ़। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर विवाहिता से मारपीट कर ससुराल से निकालने और उसका स्त्रीधन वापस नहीं करने का मामला सामने आया है। दोनों विवाहिताओं ने पति, ससुर, सास और देवर के खिलाफ अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीडूंगरगढ़ की अदालत में परिवाद पेश किया है।
परिवाद के अनुसार विवाहिताओं की शादी जुलाई 2024 में हुई थी। शादी में पीहर पक्ष ने अपनी सामर्थ्य से बढ़कर सोने-चांदी के आभूषण, घरेलू सामान, फर्नीचर, बर्तन और नकदी सहित काफी सामान दिया था। आरोप है कि शादी के बाद ससुराल पहुंचते ही उसे कम दहेज लाने के ताने दिए जाने लगे। ससुराल पक्ष कथित रूप से दहेज में 2 लाख रुपए नकद और मोटरसाइकिल की मांग करने लगा। मांग पूरी नहीं होने पर मारपीट करने, समय पर खाना नहीं देने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप परिवाद में लगाए गए हैं।
गहने उतरवाकर दोनों बहनों को घर से निकाला
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि 14 जुलाई 2026 को सुबह करीब 9 बजे दहेज की मांग को लेकर विवाहिता और उसकी बहन के साथ मारपीट की गई। इसके बाद विवाहिताओं के पहने हुए गहने जबरन उतरवा लिए गए और दोनों बहनों को धक्के देकर घर से बाहर निकाल दिया गया। पीहर पहुंचकर विवाहिता ने परिजनों को पूरी घटना बताई।
समझाने गए परिजनों को भी धमकी देने का आरोप
अगले दिन विवाहिता के पिता सहित अन्य लोग ससुराल पक्ष को समझाने के लिए पहुंचे। परिवाद के अनुसार उन्होंने परिवार बसाने और दहेज देने में असमर्थता जताते हुए विवाहिता को रखने की बात कही, लेकिन आरोपियों ने कथित तौर पर दहेज की मांग पूरी किए बिना उसे वापस नहीं रखने की बात कही और धमकी भी दी। 16 जुलाई को ससुराल पक्ष के लोग पीहर पहुंचे और फिर दहेज की मांग दोहराने का आरोप है। विवाहिताओं ने अपना स्त्रीधन वापस मांगा, लेकिन आरोप है कि उसे लौटाने से इनकार कर दिया गया।




















