NEXT 11 अगस्त, 2026 श्रीडूंगरगढ़। पत्नी पर गर्भावस्था छिपाकर पाइल्स के इलाज के बहाने गर्भपात करवाने और अस्पताल के सहमति पत्र पर पति के फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप लगाते हुए एक व्यक्ति ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय, श्रीडूंगरगढ़ में इस्तगासा पेश किया है। इस्तगासे में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच करवाने की मांग की गई है।
इस्तगासे के अनुसार प्रार्थी का विवाह वर्ष 2010 में हुआ था। दंपती का एक पुत्र है। प्रार्थी का कहना है कि वह व्यवसाय के कारण अधिकांश समय उड़ीसा में रहता था, जबकि उसकी पत्नी श्रीडूंगरगढ़ में रहने लगी थी। वर्ष 2021 के बाद पत्नी अपने पीहर चली गई और तब से वहीं रहने का आरोप है।
अस्पताल के दस्तावेज देखकर गर्भावस्था की जानकारी मिलने का दावा
प्रार्थी के अनुसार 26 सितंबर 2022 को उसकी पत्नी निजी हॉस्पिटल में भर्ती हुई और उसी दिन ऑपरेशन करवाकर घर चली गई। उस समय पत्नी ने पति को पाइल्स की समस्या के चलते ऑपरेशन करवाने की जानकारी दी थी। प्रार्थी का कहना है कि उसने इसे सामान्य उपचार मानकर ज्यादा ध्यान नहीं दिया।
इस्तगासे में बताया गया है कि 27 मई 2026 को घर की सफाई के दौरान उसे अस्पताल से संबंधित दस्तावेज मिले। दस्तावेज देखने पर उसे कथित रूप से पता चला कि उसकी पत्नी उस समय करीब डेढ़-दो माह की गर्भवती थी। प्रार्थी ने आरोप लगाया कि गर्भावस्था छिपाकर गर्भपात करवाया गया।
सहमति पत्र पर फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप
प्रार्थी ने आरोप लगाया कि अस्पताल के सहमति पत्र और गवाह के कॉलम में उसके नाम से फर्जी हस्ताक्षर किए गए। उसका कहना है कि उसे हिन्दी में हस्ताक्षर करना ही नहीं आता। इस्तगासे में आरोप लगाया गया है कि फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर दस्तावेज को वास्तविक बताकर चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करवाई गई।
प्रार्थी ने पत्नी पर अन्य लोगों से संबंध होने का भी आरोप लगाया है। हालांकि ये सभी आरोप इस्तगासे में लगाए गए हैं, जिनकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।




















