13 यजमानों ने सपत्नीक हवन में दी आहुतियां, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
NEXT 10 मई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। गोरक्षक वीर मंदिर में आयोजित मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतिम दिन रविवार सुबह 8 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना शुरू हुई। धार्मिक अनुष्ठानों के तहत शास्त्र स्नान, शिखर पूजन, अन्नाधिवास, जलाधिवास, अंग न्यास सहित विभिन्न विधियां संपन्न करवाई गईं। इसके बाद हवन कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य यजमान तुलछीराम गोदारा सहित 13 यजमानों ने सपत्नीक भाग लेकर आहुतियां दीं। तत्पश्चात विधि-विधान से मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा की गई।

महोत्सव के दौरान सामाजिक बंधुओं द्वारा मुख्य शिखर कलश, मुख्य द्वार पट्ट, शंख, प्रथम आरती, टाली, ध्वज पताका सहित विभिन्न धार्मिक वस्तुओं की बोलियां लगाई गईं। मुख्य शिखर कलश की सबसे बड़ी बोली श्रीडूंगरगढ़ निवासी आसूराम भादू परिवार के श्रवणराम/भैराराम भादू ने 41 लाख रुपए में लगाई। मुख्य द्वार पट्ट की बोली इसी परिवार के नानूराम/भानीराम भादू ने 3 लाख 21 हजार रुपए में प्राप्त की।
शंख की बोली गोपालराम, लीछूराम, भैराराम चाहर, जैसलसर ने 1 लाख 21 हजार रुपए में लगाई। प्रथम आरती का लाभ रामकुमार/रावताराम कड़वासरा, लाखनसर ने 1 लाख 11 हजार रुपए में लिया। टाली की बोली जोराराम धतरवाल, जालबसर ने 1 लाख 11 हजार रुपए में लगाई। ध्वज पताका की बोली सीताराम सिंवर, श्रीडूंगरगढ़ ने 1 लाख 1 हजार रुपए में लगाई।
बड़ा घंटा की बोली गोपाल/भीखाराम सायच, श्रीडूंगरगढ़ ने 91 हजार रुपए में लगाई। चिमटा की बोली रावताराम/रामप्रताप चाहर, जैसलसर ने 95 हजार रुपए में प्राप्त की। प्रथम भोग आरती का लाभ पीथाराम सारण, जालबसर ने 61 हजार रुपए में लिया। धूपीया की बोली नानूराम महिया, दुलचासर ने 51 हजार रुपए में लगाई। गर्भ मंदिर द्वार की बोली गोपाल सायच/अर्जुनराम सायच, श्रीडूंगरगढ़ ने 51 हजार रुपए में प्राप्त की। नगाड़ा की बोली ओमप्रकाश/दानाराम जाखड़ ने 51 हजार रुपए में लगाई। रामद्वार कलश की बोली सीताराम/खींवराज बाना ने 51 हजार रुपए में लगाई।
ट्रस्ट अध्यक्ष मंगलाराम गोदारा ने सभी बोलीदाताओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए दुपट्टा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। टेंट व्यवस्था के लिए प्रेम भादू, मदन भादू, शेरूणा का सम्मान किया गया। जल व्यवस्था के लिए लालूराम कूकणा तथा मंदिर निर्माण करने वाले ठेकेदार कैलाश स्वामी, नागौर का भी सम्मान किया गया। सभी कलाकारों को भी ट्रस्ट अध्यक्ष मंगलाराम गोदारा द्वारा सम्मानित किया गया।
भोजन एवं प्रसाद व्यवस्था बुधमल सायच, हनुमान महिया, गिरधारी जाखड़, भरत शायच, दलीप सेरड़िया, शंकर सायच, श्याम सारण, कानाराम चाहर आदि ने संभाली।
कार्यक्रम में समाजसेवी हनुमान सिंह चौधरी, प्रेम बुड़िया, भंवर चाहर सहित बीकानेर से पहुंचे गणमान्य लोग शामिल हुए। इसके अलावा श्रवण जाखड़, गोपाल सायच, चांद राम चाहर, रेवत दुसाद, सीताराम बाना, सीताराम सीवर, हरलाल बाना, पेमाराम गोदारा, दुर्गाराम महिया, सूरजाराम महिया, सूरजाराम भादू, हेतराम जाखड़, हरिराम बाना, मास्टर कोडाराम भादू, ओम बाना, सत्यनारायण बेरड़, मूलाराम साहू, भंवर सारण, सत्यप्रकाश बाना, राकेश सारण, गोकुल गाट, प्यारेलाल डूकिया, कुम्भाराम जाखड़, शंकर भूवाल, ईमिलाल गोदारा, राजेश मंडा, मेघाराम महिया, धूड़ाराम डेलू, आशीष जाड़ीवाल, चंद्रप्रकाश बारूपाल, मोडाराम तरड़, तोलाराम जाखड़, हीरालाल पटवारी, हीरालाल पार्षद, मूलाराम भादू, कानाराम सायच, किसनाराम सारण, डूंगर गोदारा, संतोष गोदारा, उदरासर, गंगाराम बाना, गोविंदराम बाना, शिवलाल बाना, रामदयाल बाना, हरिप्रसाद भादू, सोहनलाल महिया, केसाराराम गोदारा, प्रभुराम गोदारा, गणेश जाखड़, गणेश पोटलिया, देवाराम सायच, शंकर जाखड़, तोलाराम जाखड़, रामचन्द्र बेरड़, श्रीराम भादू, भंवरलाल बाना, रामेश्वर डोटासरा, जसवीर सारण, शेराराम चोटिया, देवकिशन भादू, नेमाराम चाहर, सूरजाराम चाहर और रामचंद्र जाखड़ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने वीर तेजाजी महाराज के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
































