NEXT 3 जून, 2026 श्रीडूंगरगढ़। मुख्य जिला सड़क (एमडीआर) 298 के निर्माण में बाधा बने अतिक्रमणों को लेकर प्रशासन की अंतिम चेतावनी का असर दिखाई देने लगा है। टेऊ और सूडसर में कई ग्रामीणों ने चिह्नित अतिक्रमणों को स्वयं हटाना शुरू कर दिया है। इससे आबादी क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।

पंचायत समिति श्रीडूंगरगढ़ की ओर से अतिक्रमणकारियों को 15 दिन के भीतर स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया गया था। यह अवधि 22 मई को समाप्त हो चुकी है। इसके बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और निर्माण एजेंसी ने गांवों में लाउडस्पीकर के जरिए मुनादी कर अंतिम चेतावनी दी थी कि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
सोनियासर से राजपुरा तक प्रस्तावित एमडीआर सड़क का निर्माण कार्य इन दिनों प्रगति पर है। आबादी क्षेत्र से बाहर भूमि समतलीकरण और सड़क की नींव तैयार करने का काम लगभग पूरा हो चुका है। वहीं देराजसर में पूनियां स्कूल से मुख्य बस स्टैंड होते हुए गोशाला तक सीसी सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण कर मार्ग को एकतरफा यातायात के लिए खोल दिया गया है। वर्तमान में सूडसर और देराजसर के बीच सड़क निर्माण कार्य जारी है।
अब टेऊ और सूडसर के आबादी क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य शुरू किया जाना है। इसके लिए पंचायत समिति के विकास अधिकारी ने 7 मई को सार्वजनिक सूचना जारी कर सड़क के केंद्र से निर्धारित दूरी तक आने वाले सभी स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय समय के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी। अतिक्रमण हटाने में आने वाला खर्च संबंधित व्यक्ति से वसूला जाएगा और मौके पर पड़ी सामग्री भी जब्त की जा सकेगी।
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा एमडीआर-298 सड़क का निर्माण कार्य पूर्व में हुए समझौते और निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों की जांच करवाने की मांग भी उठाई है। और आंदोलन की चेतावनी दी है। इस दौरान कोडाराम भादू, जसराज खोड़, पूर्णाराम भादू, भैराराम भादू, काशीराम भादू, भंवरलाल भादू सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।



















