NEXT 19 जून, 2026 श्रीडूंगरगढ़। केंद्र सरकार की ओर से जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल से जल पहुंचाने के दावों के बीच कस्बे की एक गली के करीब 25 परिवार आज भी सरकारी पेयजल आपूर्ति से वंचित हैं। हालात यह हैं कि आजादी के बाद से अब तक यहां सरकारी पाइपलाइन नहीं डाली गई, जिससे लोगों को निजी कुएं की पाइपलाइन के जरिए पानी मंगवाना पड़ रहा है और इसके लिए उन्हें सामान्य दरों से कई गुना अधिक भुगतान करना पड़ रहा है।

एलआईसी अभिकर्ता प्रदीप कुमार जोशी ने बताया कि खेतुलाल पांडिया के घर से लेकर दिलीप पुरोहित के नोहरे तक की गली में आज तक सरकारी पेयजल पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है। इस कारण क्षेत्र के करीब 25 परिवारों ने मजबूरी में निजी कुएं की पाइपलाइन से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था कर रखी है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के चलते परिवारों को सरकारी जलापूर्ति की तुलना में करीब 20 गुना अधिक खर्च उठाना पड़ रहा है।
अधिकारियों से लेकर मंत्रियों तक लगाई गुहार, फिर भी नहीं हुआ समाधान
गलीवासियों ने बताया कि पेयजल समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागीय अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों के कार्यालयों तक शिकायतें पहुंचाई गईं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। लोगों का कहना है कि वर्षों से आश्वासन तो मिलते रहे, लेकिन पाइपलाइन बिछाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। गौरतलब है कि गत कुछ दिनों पहले श्रीडूंगरगढ़ में कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा की जनसुनवाई में भी यह मुद्दा उठाया गया था।
जलदाय विभाग के एईएन कैलाश वर्मा ने बताया कि जेईएन को कल ही मौका दिखाकर जल्द ही इस समस्या का निस्तारण किया जाएगा।
जल जीवन मिशन के दावों पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों ने रोष जताते हुए कहा कि एक ओर सरकार हर घर तक पेयजल पहुंचाने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर कस्बे के इस हिस्से में आज भी लोग सरकारी जलापूर्ति से वंचित हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही पाइपलाइन नहीं डाली गई तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।





















