NEXT 25 जून, 2026 श्रीडूंगरगढ़। निर्जला एकादशी के पावन पर्व पर कस्बे में धर्म और सेवा का सुंदर संगम देखने को मिल रहा है। भीषण गर्मी के बीच सनातन धर्मावलम्बियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड के पास दुर्गा पान भंडार के आगे शीतल पेय और तरबूज वितरण कर राहगीरों को राहत पहुंचाई। सुबह से शुरू हुए इस सेवा कार्य में बड़ी संख्या में यात्री, मजदूर, वाहन चालक और आमजन प्रसाद स्वरूप शीतल पेय ग्रहण कर रहे हैं।

आयोजकों ने राहगीरों को ठंडा शरबत पिलाने के साथ-साथ तरबूज वितरित किए। गर्मी से बेहाल लोगों को इस सेवा कार्य से काफी राहत मिली। वितरण स्थल पर दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रही और कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ सेवा कार्य को अंजाम दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता अमित पारीक ने बताया कि निर्जला एकादशी का सनातन धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और सेवा भाव से किए गए दान-पुण्य का विशेष फल प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और भीषण गर्मी के दौर में प्यासे एवं जरूरतमंद लोगों को शीतल पेय उपलब्ध कराना पुण्य का कार्य है।
उन्होंने बताया कि निर्जला एकादशी केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रति अपने दायित्व निभाने का भी संदेश देती है। इसी उद्देश्य से राहगीरों की सुविधा के लिए शीतल पेय और फलों का वितरण किया गया।
सेवा कार्य के दौरान स्थानीय नागरिकों ने भी सहयोग किया तथा आयोजकों के इस प्रयास की सराहना की। राहगीरों ने कहा कि तेज गर्मी में इस प्रकार की व्यवस्था लोगों को राहत देने के साथ समाज में सेवा और सद्भावना का संदेश भी देती है।
निर्जला एकादशी का विशेष महत्व
हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी को वर्ष की सभी एकादशियों में सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन श्रद्धालु बिना जल ग्रहण किए व्रत रखते हैं तथा दान-पुण्य, पूजा-अर्चना और सेवा कार्य करते हैं। मान्यता है कि निर्जला एकादशी का व्रत करने से वर्ष भर की सभी एकादशियों के व्रत का पुण्य प्राप्त होता है। ऐसे में श्रीडूंगरगढ़ में आयोजित यह सेवा अभियान धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सरोकार का भी उदाहरण बना।
























