पीएसपी पोर्टल पर सभी स्कूलों को बाल वाहिनी मॉड्यूल की प्रविष्टि जल्द पूरी करने के निर्देश, अभिभावकों की शिकायतों का तत्काल निस्तारण होगा
NEXT 3 जुलाई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। प्रदेश में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है। सीताराम जाट- निदेशक, प्रारम्भिक एवं माध्यमिक शिक्षा ने सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर कहा है कि स्कूलों में संचालित बाल वाहिनी (स्कूल वाहन) संबंधी सभी सुरक्षा दिशा-निर्देशों की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित कराई जाए। नियमों की अनदेखी करने वाले निजी विद्यालयों के खिलाफ राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था अधिनियम, 1989 एवं नियम, 1993 के तहत मान्यता समाप्त करने तक की कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थी स्कूल आने-जाने के लिए स्कूल बसों, अनुबंधित वाहनों और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते हैं। ऐसे में वाहन संचालन, चालकों की जिम्मेदारी, विद्यालय प्रबंधन, अभिभावकों और विद्यार्थियों से जुड़े सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन आवश्यक है।
निर्देशों के अनुसार जिला स्तर पर संगोष्ठियों, सेमिनारों और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर सभी विद्यालयों को बाल वाहिनी के अद्यतन दिशा-निर्देशों से अवगत कराया जाएगा। साथ ही अभिभावकों से प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने और नियमों के पालन में आने वाली समस्याओं से प्रशासन को अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग के केऊमल सुथार ने बताया कि बाल वाहिनी संबंधी मॉड्यूल में पीएसपी पोर्टल पर सभी विद्यालयों की जानकारी दर्ज करने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं, लेकिन अभी भी अनेक विद्यालयों ने प्रविष्टियां पूरी नहीं की हैं। ऐसे विद्यालयों को शीघ्र मॉड्यूल अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सुरक्षा संबंधी निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
शिक्षा विभाग ने सभी अधिकारियों को विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बाल वाहिनी के संचालन संबंधी प्रत्येक निर्देश की प्रभावी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं।



















