NEXT 16 जुलाई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। हर कार चलाने वाले और नई कार खरीदने की तैयारी कर रहे उपभोक्ताओं के लिए यह बेहद जरूरी खबर है। यदि आपकी कार E20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल के अनुरूप नहीं है और इसके कारण वाहन में तकनीकी खराबी आती है, तो कंपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। रायपुर के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक अहम फैसले में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और उसके अधिकृत डीलर को नई E20-अनुकूल कार देने या करीब 20.5 लाख रुपए लौटाने का आदेश दिया है।
देश का यह पहला मामला है। मामला डॉ. प्रेमराज देबता की ग्रैंड विटारा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कार से जुड़ा है, जिसे जून 2024 में खरीदा गया था। कुछ महीनों बाद कार में इंजन मालफंक्शन की समस्या आने लगी और वाहन बार-बार बंद होने लगा। डीलरशिप ने पहले खराब ईंधन को वजह बताया, लेकिन समस्या लगातार बनी रही। बाद में कंपनी ने इंजन बदलने के लिए करीब 5.30 लाख रुपए खर्च होने की बात कही और इसे वारंटी में शामिल करने से इनकार कर दिया।
जांच के दौरान सरकारी मान्यता प्राप्त लैब की रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि ईंधन E20 श्रेणी का था, लेकिन उसमें एथेनॉल अलग होकर सफेद परत के रूप में जमा हो गया था। आयोग ने माना कि संबंधित वाहन का इंजन E20 ईंधन के अनुरूप नहीं था, फिर भी उपभोक्ता को कार बेची गई। इसे सेवा में कमी और उपभोक्ता को गलत जानकारी देने का मामला माना गया।
आयोग ने 14 जुलाई 2026 को दिए आदेश में कहा कि कंपनी 45 दिनों के भीतर ग्राहक को उसी मॉडल की E20-अनुकूल नई कार उपलब्ध कराए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो वाहन की कीमत करीब 20.5 लाख रुपए, आरटीओ पंजीकरण, बीमा और अन्य खर्च लौटाने होंगे। इसके अलावा मानसिक प्रताड़ना के लिए 1 लाख रुपए तथा वाद व्यय के 10 हजार रुपए भी देने होंगे।
यह फैसला पूरे देश के कार उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि आप नई कार खरीदने जा रहे हैं या पहले से कार चला रहे हैं, तो यह जरूर सुनिश्चित करें कि आपका वाहन E20 पेट्रोल के लिए पूरी तरह अनुकूल (E20 Compatible) है। साथ ही वाहन खरीदते समय उसके निर्माण वर्ष, ईंधन अनुकूलता और कंपनी की वारंटी संबंधी शर्तों की भी अच्छी तरह जांच कर लें।




















