NEXT 17 अगस्त, 2026 श्रीडूंगरगढ़। मुम्बई में महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल में ‘छुएं ज्ञान संपदा के रहस्यों को’ विषय पर कार्यशाला हुई। इसमें आचार्य महाश्रमण की प्रबुद्ध सुशिष्या शासन साध्वी कंचनप्रभा ने कहा कि हमारी आत्मा में विशाल ज्ञान राशि का भंडार है। द्रव्य और क्षेत्र की भूमिका के अनुसार ज्ञान का विकास होता है, जबकि क्रोध आदि कषाय ज्ञान को अज्ञान में परिणित करने का कारण बनते हैं।

उन्होंने कहा कि ऋजुता और मृदुता की साधना से ज्ञान की ऊंचाई तक पहुंचकर आत्मा का ऊर्ध्वारोहण किया जा सकता है। केवल ज्ञान प्राप्त हो जाए तो जीवन में सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है।
शासनश्री साध्वी मंजुरेखा ने कहा कि सही दिशा के अभाव में मनुष्य जीवन की सार्थकता समझ में नहीं आती। वर्तमान जीवनशैली में घटित हो रही अनेक घटनाओं के पीछे अज्ञान की भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी ऊर्जा को संयम से परिष्कृत कर लक्ष्य की ओर बढ़ने का आह्वान किया। साथ ही मति ज्ञान और श्रुत ज्ञान के आधार पर नई पीढ़ी के निर्माण की बात कही।
सभा के मीडिया प्रभारी ने बताया कि कार्यशाला में फाउंडेशन अध्यक्ष कुंदनमल धाकड़, कार्याध्यक्ष गणपतलाल डागलिया, सभा उपाध्यक्ष दिनेश धाकड़, तेयुप अध्यक्ष सुमित सुराणा, कोषाध्यक्ष रोनक धाकड़, महिला मंडल अध्यक्ष लतिका डागलिया सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।






















