सुबह 7 बजे शुरू होगा मतदान, प्रत्याशियों की धड़कनें तेज; जनता के एक-एक वोट पर टिकी राजनीतिक दलों की नजर
NEXT 10 सितम्बर, 2026 श्रीडूंगरगढ़। कल शुक्रवार… शहर के भविष्य का फैसला होगा और फैसला जनता करेगी।
न कोई दावा चलेगा, न चुनावी गणित… न समीकरण काम आएंगे और न ही राजनीतिक कयास। ईवीएम में दर्ज जनता का एक-एक वोट तय करेगा कि अगले पांच साल श्रीडूंगरगढ़ की सरकार किसके हाथों में होगी।
40 वार्डों में बंटे श्रीडूंगरगढ़ शहर के 22788 पुरुष, 21594 महिला और 1 ट्रांसजेंडर सहित कुल 44,383 मतदाता शुक्रवार को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। यही 44,383 मतदाता शहर के अगले पांच साल के भाग्यविधाता होंगे। शहर के 51 मतदान केंद्रों पर 51 मतदान दल पहुंच चुके हैं और मतदान दिवस की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। सुबह 7 बजे मतदान केंद्रों पर मतदान शुरू हो जाएगा और शाम 6 बजे तक चलेगा।

अब चुनाव प्रचार का शोर थम चुका है। प्रत्याशियों की अपील, समर्थकों की दौड़भाग और राजनीतिक दलों के दावे पीछे छूट चुके हैं। अब बारी मतदाता की है। हालांकि घर-घर जाकर व्यक्तिगत संपर्क और वोटरों को लुभाने के कार्य देर रात तक चलता ही रहेगा।
किसका दावा कितना मजबूत? कोई भी प्रत्याशी नहीं खोल रहा अपने पत्ते
श्रीडूंगरगढ़ का यह नगरपालिका चुनाव इस बार कई मायनों में बेहद दिलचस्प नजर आ रहा है। चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों में से कोई भी अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त दिखाई नहीं दे रहा। राजनीतिक दल भी अपनी संभावित सीटों का आंकड़ा बताने से पहले कई बार सोच रहे हैं।
चुनावी विशेषज्ञ भी जनता के मूड को लेकर पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। वजह साफ है- इस बार मतदाता ने अपने पत्ते आखिरी समय तक नहीं खोले हैं।
कहीं मुकाबला आमने-सामने का है तो कहीं त्रिकोणीय और कहीं चौतरफा तस्वीर दिखाई दे रही है। ऐसे में किस वार्ड में किसका पलड़ा भारी है, यह कहना मतदान से पहले आसान नहीं है।
यह चुनाव सिर्फ जीत-हार का नहीं… प्रतिष्ठा का भी
इस बार श्रीडूंगरगढ़ का चुनाव केवल पार्षद बनने की लड़ाई नहीं रह गया है। इसके साथ प्रत्याशियों, राजनीतिक दलों और स्थानीय नेताओं की प्रतिष्ठा भी जुड़ी हुई है।
पिछले कई दिनों से शहर की गलियों से लेकर चौपालों तक चुनावी चर्चा चलती रही। समर्थकों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सोशल मीडिया पर भी चुनावी दावों और प्रचार का दौर खूब चला।
लेकिन अब तमाम दावों के बीच असली सवाल यही है- जनता किसे स्वीकार करती है और किसे नकारती है?
मतदाता ने साधी चुप्पी, इसी ने बढ़ाई नेताओं की बेचैनी
इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियत मतदाताओं की खामोशी भी रही। आमतौर पर चुनाव के अंतिम दौर में माहौल देखकर राजनीतिक दल काफी हद तक परिणामों का अनुमान लगाने लगते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर उतनी साफ नहीं है।
मतदाता सोशल मीडिया के प्रचार से लेकर प्रत्याशियों के दावों तक सब कुछ देख और सुन रहा है। इसके साथ ही वह शहर की वास्तविक स्थिति, वार्ड की समस्याओं, विकास कार्यों और प्रत्याशी की छवि को भी अपने पैमाने पर तौल रहा है।
मतदाता बोल कम रहा है, लेकिन समझ सब रहा है।
और यही खामोशी प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ा रही है।
अब फैसला ‘दावे’ नहीं, ‘मत’ करेगा
चुनाव प्रचार के दौरान हर प्रत्याशी ने अपने पक्ष में मजबूत दावे किए। किसी ने विकास को मुद्दा बनाया तो किसी ने वार्ड की समस्याओं को। किसी ने बदलाव की बात कही तो किसी ने अनुभव और निरंतरता को अपनी ताकत बताया।
लेकिन शुक्रवार को इन दावों की असली परीक्षा होगी।
जिस प्रत्याशी के पक्ष में जनता का विश्वास ईवीएम में दर्ज होगा, वही अगले पांच साल शहर की राजनीति में अपनी भूमिका तय करेगा।
एक वोट… और बदल सकता है पूरे वार्ड का समीकरण
नगरपालिका चुनाव में कई बार जीत-हार का अंतर बेहद कम रहता है। ऐसे में एक-एक वोट की कीमत समझना जरूरी है। आपका वोट सिर्फ एक प्रत्याशी का चयन नहीं करेगा, बल्कि यह तय करेगा कि आपके वार्ड की आवाज नगरपालिका में कौन उठाएगा और शहर के विकास से जुड़े फैसलों में किसकी भूमिका होगी।
इसलिए मतदान को केवल चुनावी प्रक्रिया नहीं, बल्कि शहर के भविष्य में अपनी भागीदारी के रूप में देखना होगा।
सुबह 7 बजे से मतदान, पहचान पत्र साथ ले जाना जरूरी
श्रीडूंगरगढ़ में शुक्रवार सुबह 7 बजे से मतदान शुरू होगा। प्रत्येक मतदाता अपने वार्ड के निर्धारित मतदान केंद्र पर जाकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेगा।
मतदान के लिए मतदाता अपने साथ फोटोयुक्त पहचान पत्र अवश्य लेकर जाएं। वोटर आईडी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस सहित सरकार द्वारा जारी अधिकृत फोटोयुक्त पहचान पत्र साथ रखा जा सकता है। वोटर पर्ची भी साथ रखने से मतदान केंद्र पर प्रक्रिया में सुविधा रहेगी।
आज तक था चुनावी शोर… कल सिर्फ मतदाता की आवाज होगी
पिछले कई दिनों से शहर की सड़कों, गलियों, चौपालों और सोशल मीडिया पर चुनाव की चर्चा थी। प्रत्याशी घर-घर पहुंचे, समर्थकों ने जनसंपर्क किया और राजनीतिक दलों ने अपनी ताकत दिखाई।
लेकिन अब प्रचार खत्म है।
कल न कोई प्रत्याशी आपके दरवाजे पर वोट मांगने आएगा, न कोई नेता आपकी जगह फैसला करेगा।
कल फैसला सिर्फ आपका होगा।
श्रीडूंगरगढ़ के 40 वार्डों के 44,383 मतदाताओं के हाथ में शहर की अगली दिशा है। इसलिए मतदान केंद्र तक जरूर पहुंचें, अपने विवेक से मतदान करें और अपने शहर के बेहतर भविष्य में भागीदारी निभाएं।
क्योंकि कल सिर्फ वोट नहीं पड़ेगा…
कल श्रीडूंगरगढ़ का भविष्य लिखा जाएगा।



















