हरियालो राजस्थान व ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वन विभाग परिसर में पौधरोपण; 60 विद्यार्थियों ने नर्सरी में जानी पौध तैयार करने की तकनीक
NEXT 8 अगस्त, 2026 श्रीडूंगरगढ़। वन विभाग की रेंज श्रीडूंगरगढ़ परिसर में ‘हरियालो राजस्थान’ एवं ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पर्यावरण जागरूकता और पौधरोपण कार्यक्रम हुआ। इसमें रेलवे स्टेशन स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के 60 छात्र-छात्राओं व शिक्षकगण सहित पर्यावरण प्रेमियों, प्रशासनिक अधिकारियों, वन विभाग के कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में सीओ श्रीडूंगरगढ़ निकेत पारीक, तहसीलदार श्रीवर्धन शर्मा, सहायक वन संरक्षक सत्यपाल सिंह सहित वन विभाग का स्टाफ मौजूद रहा। आपणों गांव सेवा समिति के अध्यक्ष जतन सिंह राजपुरोहित, पूर्व अध्यक्ष मनोज डागा, श्याम सैन, राष्ट्रीय किसान संघ तहसील अध्यक्ष जीआर गोदारा, कुटुंब वन सूडसर के सदस्य अरुण दर्जी, रमेश कुमार व धीरज खोड़, गौसेवा संघ जिला उपाध्यक्ष सत्यनारायण स्वामी, पर्यावरण प्रेमी गणेश सिंह राजपुरोहित, राजाराम, राजेश महावर, ख्यालीराम महावर व हिम्मतनाथ सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।
नर्सरी में बच्चों को बताई पौध तैयार करने की प्रक्रिया
बच्चों को वन विभाग की नर्सरी का भ्रमण करवाया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने बीज चयन, पौध तैयार करने, पॉलिथीन बैग में रोपण, सिंचाई, खाद प्रबंधन और पौधों की सुरक्षा की जानकारी दी। साथ ही खेत, घर, विद्यालय और सार्वजनिक स्थानों पर पौधे लगाने की विधि भी समझाई।
अधिकारियों ने कहा कि पौधा लगाना केवल एक दिन का काम नहीं है। उसकी नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल जरूरी है। एक पौधा भविष्य में छाया, शुद्ध हवा, जैव-विविधता और पर्यावरण संतुलन का आधार बनता है।
पौधों की देखभाल का लिया संकल्प
विद्यार्थियों ने अपने हाथों से पौधरोपण किया और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लिया। उन्होंने परिवार, पड़ोस और विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों को भी पौधरोपण के लिए प्रेरित करने की बात कही।
वन अधिकारियों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें जीवित रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पौधरोपण की सफलता लगाए गए पौधों की निरंतर निगरानी और देखभाल से तय होगी। कार्यक्रम के अंत में सहायक वन संरक्षक सत्यपाल सिंह ने सभी अतिथियों, पर्यावरण प्रेमियों, विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों और वन विभाग के कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।



























