3 दिन में समाधान नहीं हुआ तो धरना और आमरण अनशन की चेतावनी, NEET पेपर लीक पर शिक्षामंत्री को हटाने की मांग
NEXT 19 मई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। भीषण गर्मी के बीच श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पानी और बिजली की समस्याओं को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा के नेतृत्त्व में मंगलवार को उपखंड कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा के माध्यम से जिला कलेक्टर बीकानेर को ज्ञापन सौंपकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल व बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की।

ज्ञापन में बताया गया कि विधानसभा क्षेत्र के करीब 38 गांवों में नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। कई गांवों में ट्यूबवेल मोटरें खराब पड़ी हैं तथा ट्रांसफार्मर जले हुए हैं, जिसके कारण लोगों को दूसरे गांवों से टैंकरों के जरिए पानी मंगवाना पड़ रहा है। वहीं श्रीडूंगरगढ़ शहर के कई वार्डों में 10 से 15 दिनों से पानी की सप्लाई बाधित होने से आमजन को आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है। वर्तमान में बिजाई का समय होने के कारण किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और खेती कार्य प्रभावित हो रहा है।
ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई कि जले हुए ट्रांसफार्मर तुरंत बदले जाएं, खराब पेयजल पाइपलाइन दुरुस्त की जाए तथा बिजली कटौती और ट्रिपिंग रोकने के लिए अधिकारियों को पाबंद किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि शहर की जनता रोजाना अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा और केंद्रीय शिक्षामंत्री को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। उनका कहना था कि पेपर लीक से 22 लाख विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों में समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा तथा धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन किया जाएगा।
प्रदर्शन में सूडसर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष श्रीराम भादू, जिला प्रमुख मोडाराम मेघवाल, विधानसभा प्रभारी रामदेव ढाका, भगवाननाथ सिद्ध, विमल भाटी, राजेंद्र बापेऊ, कन्हैयालाल बाना, मनोज सुथार, सोहनलाल महिया, अंजू पारख, राधेश्याम सारस्वत, संजय करनानी, संतोष गोदारा धोलिया, बुधाराम गांधी, विजयराज सेवग, रमेश प्रजापत सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



















