सातलेरा गांव की रोही में हादसा, जर्जर बिजली पोल पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
NEXT 19 मई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। क्षेत्र के गांव सातलेरा की रोही में मंगलवार शाम जर्जर बिजली पोल से उतरा हाई वोल्टेज करंट कहर बनकर टूटा। करंट की चपेट में आने से एक बकरी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि रेवड़ चरा रहा गडरिया बाल-बाल बच गया। हादसे के बाद खेत में लगी लोहे की जाली में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार गांव की दिखनादी रोही में कृषि कुओं की विद्युत सप्लाई की 11 हजार केवी लाइन के जर्जर पोल से अचानक करंट प्रवाहित होने लगा। उसी दौरान नीचे खड़ी एक बकरी करंट की चपेट में आ गई। बकरी को तड़पता देख ग्वाला जैसे ही पास पहुंचा, तेज धमाके के साथ आग लग गई।
करंट का आभास होते ही ग्वाला तुरंत वहां से दूर भागा और अन्य भेड़-बकरियों को भी सुरक्षित स्थान पर ले गया। इसके बाद उसने पास में मौजूद मानाराम मेघवाल को सूचना दी। मानाराम ने तुरंत स्थानीय जीएसएस में सूचना देकर बिजली सप्लाई बंद करवाई। समय रहते बिजली बंद होने से बड़ा हादसा टल गया।
“दो कदम आगे बढ़ता तो जान चली जाती”
रेवड़ चरा रहे महावीर प्रसाद मेघवाल ने बताया कि अगर वह दो कदम और आगे बढ़ जाते तो उनकी भी जान जा सकती थी। हादसे के बाद वह काफी घबरा गए।
कई बार शिकायत के बाद भी नहीं बदले पोल
कृषि कुआं संचालक मानाराम मेघवाल ने बताया कि जीएसएस से कृषि कुओं को जाने वाले एक नंबर फीडर की लाइन के कैंची पोल काफी समय से जर्जर हालत में खड़े हैं। विभाग को कई बार अवगत कराने के बावजूद इन्हें नहीं बदला गया। मंगलवार शाम इसी जर्जर कैंची से करंट उतर गया।
खेत की जाली और सिंव जलकर क्षतिग्रस्त
करंट खेत की सुरक्षा के लिए लगाई गई लोहे की जाली में भी फैल गया, जिससे आग लग गई। आग से लोहे की जाली और कई फीट तक लगी सिंव जलकर क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
ग्रामीण बोले- मौत को दावत दे रहे जर्जर पोल
ग्रामीणों और किसानों ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय से टेढ़े और जर्जर बिजली पोल हर समय हादसे का खतरा बने हुए हैं। इसके बावजूद विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
ग्रामीणों ने बताया कि सातलेरा गांव में घरों की बिजली सप्लाई की जर्जर केबलें भी खतरनाक बनी हुई हैं। इन केबलों की वजह से पहले भी दो बार घरों में करंट उतरने की घटनाएं हो चुकी हैं। विभागीय उदासीनता को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है।























