श्रीडूंगरगढ़ की अदालत का फैसला: 12 गवाह और 38 साक्ष्यों के आधार पर सुनाई सजा
NEXT 18 मई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। अपर सेशन न्यायालय श्रीडूंगरगढ़ ने पत्नी की हत्या के करीब साढ़े पांच साल पुराने मामले में आरोपी ओमप्रकाश पुत्र हीराराम निवासी कल्याणसर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया।
मामले के अनुसार परिवादी मृतका के पिता भंवराराम पुत्र छोगाराम निवासी जोड़बीड़ ने 1 जनवरी 2021 को पुलिस थाना श्रीडूंगरगढ़ में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसकी पुत्री विमला की शादी करीब 9 वर्ष पहले कल्याणसर नया निवासी ओमप्रकाश के साथ हुई थी। उन्हें फोन पर सूचना मिली कि उनकी बेटी के साथ मारपीट कर उसकी हत्या कर दी गई है।
सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और ओमप्रकाश पर शराब के नशे में मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
परिवादी पक्ष के अधिवक्ता गोपीराम जानू ने बताया कि अपर लोक अभियोजक सोहन नाथ सिद्ध ने अदालत में 12 गवाहों के बयान और 38 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए।
बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि आरोपी ग्रामीण परिवेश का व्यक्ति है, उसके तीन छोटे बच्चे हैं तथा वह न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा है, इसलिए उसे न्यूनतम सजा दी जाए। वहीं अभियोजक सोहन नाथ सिद्ध ने दलील दी कि आरोपी ने अपनी पत्नी की बर्बरतापूर्वक हत्या की है, इसलिए उसे कठोर दंड दिया जाना जरूरी है।
एडीजे सरिता नौशाद ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि हत्या जैसा अपराध समाज की अंत:चेतना को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में समुचित सजा नहीं मिलने पर न्याय का हनन होगा और अपराधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।



















