NEXT 21 जून, 2026 श्रीडूंगरगढ़। महात्मा गांधी नरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाले सामाजिक अंकेक्षण कार्मिकों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समाधान की मांग उठाई है। कार्मिकों ने सेवा सुरक्षा, मानदेय वृद्धि, कार्य सुविधाएं और स्वास्थ्य बीमा जैसी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है।
सामाजिक अंकेक्षण बीआरपी महासंघ राजस्थान के प्रदेश सहलाहकार सोहनलाल, जिला मीडिया प्रभारी बाबूलाल गर्ग, जगदीश प्रसाद, मोहनराम, ब्लॉक अध्यक्ष श्रीडूंगरगढ़ रामनारायण, भोमाराम और बंशीलाल सहित अन्य कार्मिकों ने बताया कि लंबे समय से कार्य करने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
ये हैं प्रमुख मांगें
कार्मिकों ने तीन वर्ष की सेवा पूरी कर चुके बीआरपी कार्मिकों को राजस्थान संविदा नियम-2026 के तहत शामिल कर सेवा सुरक्षा प्रदान करने की मांग की। इसके अलावा वीआरपी के लिए 15 हजार रुपए तथा बीआरपी के लिए 20 हजार रुपए मासिक मानदेय तय करने, निष्क्रिय कार्मिकों के स्थान पर सक्रिय एवं इच्छुक वीआरपी को कार्य कैलेंडर में शामिल करने की मांग भी रखी गई।
उन्होंने अंतर-जिला ड्यूटी का टीए/डीए समय पर भुगतान करने, पंचायत समिति स्तर पर कार्यालय कक्ष, कंप्यूटर, इंटरनेट और प्रिंटर जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा सभी सामाजिक अंकेक्षण कार्मिकों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की भी मांग की। साथ ही सामाजिक अंकेक्षण कार्य शुरू होने से पहले आवश्यक रिकॉर्ड और फाइलें उपलब्ध कराने तथा फील्ड स्तर की समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई।
मंत्री को सौंपा था ज्ञापन
कार्मिकों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व श्रीडूंगरगढ़ में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान सामाजिक अंकेक्षण संघ (बीकानेर संभाग) की ओर से राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया गया था।
जिला मीडिया प्रभारी बाबूलाल गर्ग ने बताया कि मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि सामाजिक अंकेक्षण कार्मिकों की मांगों पर संबंधित विभाग एवं अधिकारियों के स्तर पर आवश्यक कार्रवाई के लिए पहल की जाएगी, ताकि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान हो सके।



















