NEXT 31 जुलाई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। मृत्युभोज जैसी सामाजिक कुरीति को छोड़कर शिक्षा को बढ़ावा देने की प्रेरक पहल सालासर गांव से सामने आई है। मीरा देवी पत्नी स्वर्गीय पूर्णाराम कूकणा के निधन के बाद उनके परिवार ने परंपरागत मृत्युभोज का आयोजन नहीं कर उस पर होने वाले खर्च को बालिका शिक्षा के लिए समर्पित कर दिया। परिवार ने संत कर्माबाई कन्या छात्रावास, श्रीडूंगरगढ़ में एक कक्ष निर्माण के लिए 2 लाख 1 हजार रुपए का सहयोग दिया।
दिवंगत मीरा देवी की बड़ी पुत्री मनोहरी देवी पत्नी पेमाराम गोदारा (पीपासरिया दुसारणा) तथा पौत्र मुखराम पुत्र स्वर्गीय आदूराम कूकणा ने यह निर्णय लेते हुए मृत्युभोज पर खर्च होने वाली राशि समाजहित में दान कर दी। उनके इस कदम की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। लोगों ने इसे सामाजिक कुरीतियों से दूर होकर शिक्षा और बालिका सशक्तिकरण की दिशा में प्रेरणादायक पहल बताया।
संत कर्माबाई कन्या छात्रावास समिति ने दोनों परिवारों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने प्रियजन की स्मृति को समाजहित से जोड़ना अनुकरणीय कार्य है। उन्होंने कहा कि यदि अधिक से अधिक परिवार ऐसी पहल करें तो मृत्युभोज जैसी कुरीतियों पर अंकुश लगेगा और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को नई ताकत मिलेगी। परिवार के इस निर्णय को संबंधियों और समाज के लोगों ने दिवंगत आत्मा के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया।






























