जयपुर में आयोजित समारोह में हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए हुए सम्मानित, बोले- सम्मान से जिम्मेदारियां और बढ़ीं
NEXT 30 जुलाई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। कस्बे के प्रतिष्ठित पारख परिवार के सदस्य एवं बच्छराज पारख के पुत्र संतोष पारख को गुरुवार शाम जयपुर स्थित आईटीसी राजपुताना शेरेटन होटल में आयोजित भव्य समारोह में राजस्थान गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। राजस्थान के राज्यपाल ने उन्हें हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया।

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने कहा कि भारतीय संस्कृति को सदैव जीवंत और युवा बनाए रखना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में भारतीय संस्कृति, रामायण और महाभारत के प्रति गहरा सम्मान है। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत राजस्थानी में “खम्मा घणी” कहकर की और सम्मानित होने वाले सभी प्रतिभाओं को राजस्थानी में “मोकळी-मोकळी” बधाई दी।
राज्यपाल ने राजस्थानी भाषा के संरक्षण पर भी जोर देते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा के अध्ययन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कवि कन्हैयालाल सेठिया की प्रसिद्ध कविता ‘धरती धोरां री’ का उल्लेख करते हुए राजस्थानी संस्कृति की समृद्ध विरासत को रेखांकित किया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद संतोष पारख ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व का विषय है। इससे उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं तथा वे राजस्थान की संस्कृति, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के विकास में आगे भी पूरी निष्ठा से योगदान देते रहेंगे।
समारोह में समाजसेवी जुगल किशोर तावणियां, नरेंद्र डागा, विजय कुमार ओझा, पवन कुमार सोनी, सन्तोष पारख की धर्मपत्नी प्रेम पारख सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



























