NEXT 12 जुलाई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। समण संस्कृति संकाय एवं अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सम्यक दर्शन कार्यशाला-2026 के तहत रविवार को ‘तेरापंथ दर्शन’ पुस्तक का विमोचन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं और श्रावक-श्राविकाओं में तत्त्वज्ञान, स्वाध्याय और आध्यात्मिक चिंतन के प्रति रुचि बढ़ाना है।

कार्यक्रम सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी लक्ष्यप्रभा के सान्निध्य में आयोजित हुआ। उन्होंने कहा कि तेरापंथ दर्शन का नियमित अध्ययन व्यक्ति के विचारों को सकारात्मक दिशा देता है और व्यक्तित्व निर्माण के साथ आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने प्रतिभागियों से नियमित स्वाध्याय कर प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
कार्यशाला के दौरान बताया गया कि इस वर्ष सम्यक दर्शन प्रतियोगिता के लिए ‘तेरापंथ दर्शन’ पुस्तक को पाठ्यक्रम बनाया गया है। इसका उद्देश्य तेरापंथ दर्शन के मूल सिद्धांतों का व्यापक अध्ययन कराना तथा समाज में अध्ययनशीलता और आध्यात्मिक जागरूकता का विस्तार करना है।
समण संस्कृति संकाय प्रभारी पवन बरड़िया, क्षेत्रीय प्रभारी मधु झाबक, तेरापंथ युवक परिषद श्रीडूंगरगढ़ के मंत्री पीयूष बोथरा और सहमंत्री सुमित बरड़िया सहित कई पदाधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
पदाधिकारियों ने बताया कि प्रतिभागियों के लिए 12 जुलाई से व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से ऑनलाइन अध्ययन शुरू कर दिया गया है। विषय विशेषज्ञ नियमित ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए मार्गदर्शन देंगे। प्रतियोगिता की ऑनलाइन परीक्षा 6 सितंबर को SAMBODHI App के माध्यम से आयोजित होगी, जिसमें देश-विदेश के प्रतिभागी शामिल हो सकेंगे। परीक्षा में सफल प्रतिभागियों को स्थानीय तेरापंथ युवक परिषद के माध्यम से प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे।
देश-विदेश के युवाओं से जुड़ने का आह्वान
परिषद ने देश-विदेश के युवाओं एवं श्रावक-श्राविकाओं से कार्यशाला और प्रतियोगिता में अधिकाधिक भागीदारी कर स्वाध्याय की इस आध्यात्मिक पहल से जुड़ने का आह्वान किया। इच्छुक प्रतिभागी ‘तेरापंथ दर्शन’ पुस्तक स्थानीय तेरापंथ युवक परिषद के पदाधिकारियों या कार्यशाला सहयोगियों से प्राप्त कर सकते हैं।




















