आरोप- राजनीतिक प्रभाव से तीन साल से रुका है निर्माण, कहा- घोषित भूमि पर ही बने ट्रॉमा सेंटर, नहीं तो होगा आंदोलन
NEXT 5 अगस्त, 2026 श्रीडूंगरगढ़। श्रीडूंगरगढ़ में प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर एवं उप जिला चिकित्सालय के निर्माण को लेकर विवाद फिर गरमा गया है। ट्रॉमा सेंटर का स्थान बदलने की कथित साजिश का आरोप लगाते हुए विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के जिला, प्रखंड और नगर स्तर के पदाधिकारियों ने अपने संगठनात्मक दायित्वों से सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में घोषित ट्रॉमा सेंटर का निर्माण राजनीतिक प्रभाव के कारण लगातार रोका जा रहा है और इसके पीछे स्थान परिवर्तन की साजिश है।
विहिप के निवर्तमान प्रखंड अध्यक्ष संतोष बोहरा ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-11 पर स्थित करीब सात बीघा विवादित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए संगठन वर्ष 1990 से संघर्ष करता रहा है। वर्ष 2014-15 में इसी विवाद को लेकर श्रीडूंगरगढ़ में साम्प्रदायिक तनाव हुआ, शहर में सात दिन तक कर्फ्यू लगा, क्षेत्रवासियों ने लाठियां खाईं, 450 से अधिक हिंदू युवकों पर मुकदमे दर्ज हुए तथा 155 से अधिक युवाओं को जेल भी जाना पड़ा। बाद में तत्कालीन विधायक किशनाराम नाई की मध्यस्थता से दोनों समुदायों के बीच भूमि का आधा-आधा बंटवारा करने का समझौता हुआ। वर्ष 2023 में ट्रॉमा सेंटर एवं उप जिला चिकित्सालय की घोषणा के बाद प्रशासन की पहल पर दोनों समुदायों ने मानवता के हित में इस भूमि पर अपना दावा छोड़ दिया, जिससे वर्षों पुराना विवाद समाप्त हुआ और सौहार्द का वातावरण बना।
पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार बदलने के बाद ट्रॉमा सेंटर के निर्माण में लगातार बाधाएं डाली जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विधायक तथा संगठन के उच्च पदाधिकारियों से भी संपर्क किया गया, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर सामूहिक रूप से दायित्व छोड़ने का निर्णय लिया गया।
ट्रॉमा सेंटर का स्थान बदलने के विरोध में विहिप जिलाध्यक्ष जगदीश स्वामी, जिला उपाध्यक्ष प्रदीप जोशी, जिला सहमंत्री वासुदेव सारस्वत, जिला प्रशासन प्रमुख श्याम सुंदर जोशी, प्रखंड अध्यक्ष संतोष बोहरा, प्रखंड कार्यसमिति सदस्य दीपक सेठिया, भीखाराम सुथार, त्रिलोकचंद, मुकेश प्रजापत, नगर अध्यक्ष मनीष नोलखा, नगर कार्यसमिति सदस्य लालसिंह, भूषण करवा, अशोक नाई, बजरंग दल के केके जांगिड़, पवन व्यास, श्याम गिरी सहित अन्य पदाधिकारियों ने अपने दायित्व छोड़ दिए।
निजी लालच का लगाया आरोप, आंदोलन की चेतावनी
विहिप के जिला प्रशासन प्रमुख श्याम सुंदर जोशी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग निजी लालच के चलते मानवता और वर्षों से संघर्ष कर रहे युवाओं के बलिदान की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर महाविद्यालय के सामने स्थित सात बीघा भूमि ट्रॉमा सेंटर के लिए सबसे उपयुक्त है और इसी स्थान पर निर्माण होने से क्षेत्रवासियों को सुविधा मिलने के साथ सामाजिक सौहार्द भी कायम रहेगा।
पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन की एकमात्र मांग है कि ट्रॉमा सेंटर का निर्माण उसी घोषित एवं विवादित भूमि पर हो, चाहे सरकार कराए या भामाशाहों के सहयोग से। यदि स्थान परिवर्तन का प्रयास किया गया तो विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता फिर से आंदोलन तेज करेंगे।




















