NEXT 28 अप्रैल, 2026 श्रीडूंगरगढ़। एडीजे सरिता नौशाद की कोर्ट ने चोरी और अफीम के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की जमानत याचिका अस्वीकार करते हुए खारिज की। जो अपराधियों के लिए सीधा सन्देश है कि कोर्ट आपराधिक मामलों में बिल्कुल नरमी नहीं दिखाएगी। अपर लोक अभियोजक सोहन नाथ सिद्ध ने कहा कि बढ़ते अपराधों के मामलों में कोर्ट से हुए फैसले से आमजन में भय कम होगा और आपराधिक प्रवृत्तियों पर लगाम लगेगी।
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श्रीडूंगरगढ़ में चोरी के आरोपी को नहीं मिली राहत: 15 मुकदमों का रिकॉर्ड, एडीजे कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की
श्रीडूंगरगढ़। क्षेत्र में बढ़ती चोरी की वारदातों के बीच कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए एक आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। अपर सेशन न्यायाधीश सरिता नौशाद ने आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और मामले की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला सुनाया।
क्या है मामला
4 फरवरी 2026 को इंदपालसर बड़ा हथाना निवासी रामदास पुत्र शेरदास ने श्रीडूंगरगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट में बताया कि उसका और उसके भाई रामचन्द्र व लिखमदास का मकान एक ही बाखल में है और दोनों भाई रोजी-रोटी के लिए बाहर रहते हैं।
3 फरवरी की रात करीब 11 बजे लिखमदास की पत्नी बच्चों के साथ सो गई। सुबह उठने पर पास के कमरे का ताला टूटा मिला। अंदर जाकर देखा तो सन्दूक का ताला भी टूटा हुआ था और उसमें रखे सोने-चांदी के जेवरात व जरूरी दस्तावेज गायब थे। पुलिस ने अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में आरोपी गिरफ्तार, सहआरोपी को पहले मिल चुकी जमानत
अनुसंधान के दौरान पुलिस ने आरोपी सीताराम उर्फ सीतारामदास पुत्र धर्मदास निवासी गारबदेसर, कालू को गिरफ्तार किया। साथ ही सहआरोपी नत्थूराम को भी पकड़ा गया, जिसे 19 मार्च को जमानत मिल चुकी है।
अदालत में क्या हुई बहस
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है और सहआरोपी को जमानत मिल चुकी है, इसलिए उसे भी राहत दी जानी चाहिए।
वहीं अपर लोक अभियोजक सोहन नाथ सिद्ध ने कोर्ट में कहा कि आरोपी के खिलाफ आरोप प्रमाणित पाए गए हैं और उसके कब्जे से कुछ बरामदगी भी हुई है। क्षेत्र में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे में जमानत देना उचित नहीं होगा।
कोर्ट का फैसला
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने पाया कि आरोपी के खिलाफ बीकानेर संभाग के विभिन्न थानों में चोरी सहित करीब 15 मामले दर्ज हैं, जिनमें चालान भी पेश हो चुके हैं।
अपर सेशन न्यायाधीश सरिता नौशाद ने अपराध की गंभीरता, बढ़ती वारदातों से आमजन में भय और आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।
104 ग्राम अफीम के साथ पकड़ा आरोपी, कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज
NEXT श्रीडूंगरगढ़। अफीम बरामदगी के एक मामले में अपर सेशन न्यायालय ने आरोपी शिव कुमार लुखा पुत्र सुखराम लुखा, निवासी जालबसर की जमानत याचिका खारिज कर दी।
जानकारी के अनुसार 24 अप्रैल 2026 को एसआई पवन कुमार शर्मा गश्त पर थे। इस दौरान कालू बास हाई स्कूल के पास पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 104 ग्राम अफीम बरामद की। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने दलील दी कि उसे झूठा फंसाया गया है और वह 24 अप्रैल से पुलिस व न्यायिक अभिरक्षा में है, इसलिए उसे जमानत दी जाए।
वहीं, अपर लोक अभियोजक सोहन नाथ सिद्ध ने इसका विरोध करते हुए कहा कि मामला गंभीर प्रकृति का है, ऐसे में जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद एडीजे सरिता नौशाद ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।




















