NEXT 16 अगस्त, 2026 श्रीडूंगरगढ़। किसानों के लिए राहत की दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। एक ओर सब्जी उत्पादक किसानों को आधुनिक सपोर्ट सिस्टम लगाने पर 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा, वहीं दूसरी ओर खाद के लिए अब लंबी कतारों में लगने की जरूरत नहीं होगी। किसान एफएफएस मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे डीएपी, यूरिया, एनपीके और एसएसपी की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे।
बेल वाली सब्जियों की खेती पर मिलेगा अनुदान
मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (राष्ट्रीय बागवानी मिशन) के तहत सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सपोर्ट सिस्टम स्थापित करने पर किसानों को अनुदान दिया जाएगा। उप निदेशक उद्यान अनुसंधान एटीसी प्रेमाराम ने बताया कि योजना का उद्देश्य आधुनिक एवं उन्नत तकनीक अपनाकर सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देना है।
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि सपोर्ट सिस्टम की इकाई लागत 20 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर निर्धारित है। इस पर 50 प्रतिशत अनुदान देय होगा। किसान न्यूनतम 0.40 हेक्टेयर से अधिकतम 2 हेक्टेयर तक क्षेत्र के लिए प्रोरेटा बेसिस पर अनुदान का लाभ ले सकेंगे। जिले में कृषक श्रेणीवार कुल 150 हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है।
इस योजना का लाभ टमाटर के साथ बेल वाली फसलों खीरा, लौकी, तोरई, करेला और टिण्डा की खेती करने वाले किसानों को मिलेगा। सपोर्ट सिस्टम से पौधों को सहारा मिलने से फसल का बेहतर विकास, गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
बिल के आधार पर मिलेगा लाभ
योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान संबंधित उद्यान विभाग कार्यालय या अपने क्षेत्र के कृषि पर्यवेक्षक उद्यान से संपर्क कर सकते हैं। सपोर्ट सिस्टम में उपयोग की गई सामग्री के बिल प्रस्तुत करने होंगे। सत्यापन के बाद पात्र किसानों को अनुदान का लाभ दिया जाएगा।
खाद के लिए कतार खत्म, ऐप से होगी बुकिंग
राज्य में अनुदानित उर्वरक उपलब्ध करवाने के लिए फ्रेमवर्क फोर फर्टिलाइजर सेल (एफएफएस) की नई उर्वरक वितरण व्यवस्था 15 अगस्त से लागू हो गई है। किसान फार्मर आईडी अथवा आधार कार्ड के जरिए एफएफएस मोबाइल ऐप पर घर बैठे नजदीकी विक्रेता से डीएपी, यूरिया, एनपीके एवं एसएसपी की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे।
सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि ऐप पर किसानों को जिले में विभिन्न उर्वरक विक्रेताओं के पास उपलब्ध खाद की जानकारी भी मिल सकेगी। नई व्यवस्था से फसल और भूमि के प्रकार के अनुसार वैज्ञानिक सिफारिश के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। इससे उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और अंधाधुंध इस्तेमाल पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी।
सभी ब्लॉकों में दिया प्रशिक्षण
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक मदन लाल की अध्यक्षता में जिले के सभी ब्लॉकों में उर्वरक विक्रेताओं को एफएफएस व्यवस्था का प्रशिक्षण दिया गया। जिला स्तरीय प्रशिक्षण में सहायक निदेशक सुरेंद्र मारू व मीनाक्षी शर्मा तथा कृषि अधिकारी राम निवास गोदारा ने प्रशिक्षण दिया।
खाजूवाला-छतरगढ़ में कृषि अधिकारी सोमेश तंवर, लूणकरणसर में कृषि अधिकारी गिरिराज चारण, नोखा में सहायक निदेशक राजूराम डोगीवाल, पांचू में कृषि अधिकारी मामराज, श्रीडूंगरगढ़ में सहायक निदेशक रघुवर दयाल व कृषि अधिकारी मेघराज तथा बज्जू में सहायक निदेशक रामकिशोर मेहरा ने उर्वरक विक्रेताओं एवं प्रगतिशील किसानों को प्रशिक्षण दिया। अधिकारियों ने किसानों को एफएफएस ऐप की जानकारी देकर अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए जागरूक करने का आह्वान किया।
































