चार नामांकन में तीन प्रत्याशियों ने संगठन हित में वापस लिए पर्चे, सभा में वर्षभर की गतिविधियों का प्रस्तुत किया गया प्रतिवेदन
NEXT 19 जुलाई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। तेरापंथ युवक परिषद् श्रीडूंगरगढ़ की नई कार्यकारिणी के गठन के लिए रविवार को तेरापंथ भवन, ऊपरलों में निर्वाचन प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। अध्यक्ष पद पर विक्रम मालू को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। नामांकन वापसी के बाद उनके पक्ष में सर्वसम्मति बनने पर चुनाव अधिकारियों ने उनके निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की।

अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के निर्देशानुसार आयोजित चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए कुल पांच नामांकन पत्र प्राप्त हुए। इनमें से एक नामांकन पत्र अवैध घोषित किया गया। इसके बाद चमन श्रीमाल, दीपक छाजेड़ और प्रदीप मालू ने संगठन की एकजुटता को प्राथमिकता देते हुए अपने-अपने नामांकन स्वेच्छा से वापस ले लिए। इसके बाद विक्रम मालू एकमात्र प्रत्याशी बचे और चुनाव अधिकारी मनोज पारख व विजय बोथरा ने उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष घोषित कर दिया। घोषणा होते ही सभागार ‘ॐ अर्हम्’ के जयघोष से गूंज उठा।
आयोजित साधारण वार्षिक सभा में मंत्री पीयूष बोथरा ने वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इसमें परिषद् द्वारा वर्षभर आयोजित सेवा, संस्कार, संगठन सशक्तीकरण, सामाजिक जागरूकता, धार्मिक एवं युवा विकास से जुड़े कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण रखा गया। उपस्थित सदस्यों ने परिषद् की गतिविधियों की सराहना की।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष विक्रम मालू ने सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परिषद् की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए सेवा, संस्कार और संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने सभी सदस्यों को साथ लेकर समाजहित के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने का विश्वास दिलाया।
विक्रम मालू के पिछले कार्यकाल में परिषद् ने नेत्रदान, रक्तदान, अभिनव सामायिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े अनेक नवाचारपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए थे। इन गतिविधियों के कारण परिषद् को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान और सराहना मिली थी।

बैठक से पूर्व एवं समापन के बाद परिषद् के सदस्यों ने साध्वी लक्ष्यप्रभा के दर्शन कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। अंत में सभी सदस्यों ने विक्रम मालू को पुनः अध्यक्ष बनने पर बधाई देते हुए उनके सफल एवं गौरवपूर्ण कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।




















