NEXT 25 मार्च, 2026 श्रीडूंगरगढ़। अखिल भारतीय साहित्य परिषद की स्थानीय इकाई द्वारा सेवा कुंज छात्रावास में पहला “बाल कवि सम्मेलन” आयोजित किया गया, जिसमें बाल कवियों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ मदन सैनी ने की, जबकि मुख्य अतिथि शिवराज भारतीय रहे। विशिष्ट अतिथियों में आसाराम पारीक, डॉ मनीष सैनी और मधु झाबक शामिल रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत सेवा कुंज की छात्राओं द्वारा मां सरस्वती व मां भारती की वंदना से हुई। इसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर आयोजन का शुभारंभ किया। इकाई अध्यक्ष भगवती पारीक ‘मनु’ ने स्वागत भाषण दिया।
सम्मेलन में 25 बाल कवियों ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति दी, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। प्रतियोगिता में निकुंज सारस्वत ने प्रथम, कमल प्रजापत (मोमासर) ने द्वितीय और सेवा कुंज की वंदना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र, मेडल और मुख्य अतिथि द्वारा रचित “रामदेव पचासा” की प्रति देकर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में शिवराज भारतीय ने राजस्थानी भाषा की मिठास पर प्रकाश डालते हुए स्वरचित गीत सुनाकर सभी को भावविभोर कर दिया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ मदन सैनी ने कहा कि साहित्य के बिना व्यक्ति अधूरा है और साहित्य की समझ विकसित करने के लिए अधिक से अधिक अध्ययन आवश्यक है।
कार्यक्रम की व्यवस्थाएं सीमा भोजक ने संभाली। धन्यवाद ज्ञापन कवि छैलू चारण ‘छैल’ ने किया, जबकि मंच संचालन राजू शर्मा ने किया। इस अवसर पर अनिल सोनी, मनोज गुसाईं, लक्ष्मीनारायण भादू, पवन सोनी, शशिदेव, कुम्भाराम घिंटाला, नंदकिशोर पारीक और मनमोहन शर्मा सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे।
























