NEXT 15 अप्रैल, 2026 श्रीडूंगरगढ़। श्रीडूंगरगढ़ उपजिला अस्पताल में 6 वर्षों बाद एक जटिल प्रसव सर्जरी के माध्यम से सफलतापूर्वक कराया गया। महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रविन्द्र गोदारा के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने करीब आधे घंटे में ऑपरेशन कर लगभग 4 किलो वजनी स्वस्थ शिशु का जन्म कराया। वर्तमान में मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं।
डॉ. गोदारा ने बताया कि ऊपनी गांव की 20 वर्षीय प्रसूता के गर्भस्थ शिशु ने गर्भ में ही मेकोनियम (पहला मल) पास कर दिया था। यह स्थिति मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक मानी जाती है, क्योंकि मलीन एम्नियोटिक द्रव फेफड़ों में जाने से बच्चे को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। इसे मेकोनियम एस्पिरेशन सिंड्रोम (MAS) कहा जाता है।
डॉक्टरों के अनुसार, यह स्थिति आमतौर पर प्रसव के दौरान शिशु के तनाव में आने से उत्पन्न होती है और समय रहते सर्जरी नहीं की जाए तो जोखिम बढ़ सकता है। ऐसे में टीम ने त्वरित निर्णय लेते हुए ऑपरेशन किया और सुरक्षित डिलीवरी करवाई।
इस सफल सर्जरी में डॉ. सुनील सहारण, डॉ. एस.एस. नांगल, डॉ. एस.के. बिहानी, डॉ. जगदीश गोदारा, डॉ. दिनेश पड़िहार सहित सहयोगी स्टाफ प्रदीप कुमार, गंगाराम, रेखा मीणा, गणेश, सीताराम और प्रमोद की अहम भूमिका रही। पीएमओ डॉ. ओमप्रकाश स्वामी ने इस सफल सर्जरी के लिए डॉ. रविन्द्र गोदारा सहित टीम को बधाई दी।
सरकारी अस्पताल में जटिल सर्जरी होने से मरीज को निजी अस्पतालों में लगने वाले हजारों रुपये के खर्च से राहत मिली है। साथ ही, इस उपलब्धि से आमजन में सरकारी अस्पतालों के प्रति विश्वास भी बढ़ा है।




















