श्रीडूंगरगढ़ में भूमि को लेकर कोर्ट पहुंचा मामला, महिला ने सात लोगों के खिलाफ परिवाद किया पेश
NEXT 13 जून, 2026 श्रीडूंगरगढ़। तहसील क्षेत्र के गांव रीड़ी में कृषि भूमि को लेकर विवाद का मामला न्यायालय पहुंच गया है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसके नाम पहले से पंजीकृत उपहार पत्र (गिफ्ट डीड) होने के बावजूद उसी भूमि का दोबारा उपहार पत्र और विक्रय पत्र निष्पादित कर दिया गया। मामले में सात लोगों को आरोपी बनाते हुए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्रीडूंगरगढ़ के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया गया है।
परिवाद के अनुसार रीड़ी निवासी संतोष पत्नी मांगीलाल जाट के पक्ष में 18 अगस्त 2025 को खसरा नंबर 125 की 5.06 हेक्टेयर कृषि भूमि का पंजीकृत उपहार पत्र निष्पादित किया गया था। महिला का आरोप है कि इसके बाद भी भूमि के मूल खातेदार हड़मानाराम ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर कथित रूप से षड्यंत्र करते हुए इसी भूमि में से 3.29 हेक्टेयर का उपहार पत्र अपने पुत्र मांगीलाल के पक्ष में तथा शेष 1.77 हेक्टेयर भूमि का विक्रय पत्र अन्य व्यक्ति के पक्ष में पंजीकृत करवा दिया।
परिवाद में कहा गया है कि सभी आरोपियों को पहले से निष्पादित उपहार पत्र की जानकारी थी, इसके बावजूद कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उप पंजीयक कार्यालय में पंजीबद्ध करवाए गए। महिला का आरोप है कि ऐसा उसकी भूमि हड़पने और उसे नुकसान पहुंचाने की नीयत से किया गया।
महिला ने बताया कि राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण की जानकारी लेने पर उसे कथित रूप से दूसरे उपहार पत्र और विक्रय पत्र के बारे में पता चला। इसके बाद उसने संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां प्राप्त कर मामले की जानकारी जुटाई।
महिला ने न्यायालय से प्रार्थना की है कि मामले की जांच करवाई जाए तथा आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।




















