NEXT 15 जून, 2026 श्रीडूंगरगढ़। राष्ट्रीय राजमार्ग-11 पर सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे हुए भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई, जबकि दो साल की मासूम गंभीर रूप से घायल हो गई। कार और ट्रक की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर में कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर पहुंचने वालों की आंखें नम हो गईं।

पुलिस के अनुसार सभी मृतक हरियाणा के फतेहाबाद जिले के मताना गांव के निवासी थे। हादसे में कार चालक ओमप्रकाश विश्नोई, उनकी पत्नी सोरमा देवी, बेटी प्रमीला, पौत्र रोनित (11), दोहती यशवी (10) और खुशी (6) की मौत हो गई। कार में सवार सात लोगों में केवल दो वर्षीय तनवी ही जीवित बची है। उसे गंभीर हालत में बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां वह वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रही है।
30 मई को हुए थे रिटायर, परिवार के साथ यात्रा पर निकले थे
सीआई कश्यप सिंह ने बताया कि ओमप्रकाश विश्नोई हाल ही में 30 मई को फतेहाबाद के डीडीपीओ कार्यालय से सीनियर अकाउंटेंट पद से सेवानिवृत्त हुए थे। परिवार के सदस्य कार से यात्रा कर रहे थे, तभी श्रीडूंगरगढ़ के पास यह दर्दनाक हादसा हो गया।
टक्कर इतनी भीषण कि कार के उड़ गए परखच्चे
राहत कार्य में जुटे सेवादार अमीर खान कायमखानी ने बताया कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह पिचक गई। वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। शुरुआत में दो बच्चे और एक महिला जीवित मिले थे, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान महिला और एक अन्य बच्ची ने भी दम तोड़ दिया।
पुलिस ने शव अस्पताल पहुंचाए, जांच शुरू
सूचना मिलते ही एएसआई राजकुमार पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और स्थानीय सेवादारों की मदद से घायलों व मृतकों को अस्पताल पहुंचाया गया। दुर्घटनाग्रस्त कार और ट्रक को जब्त कर श्रीडूंगरगढ़ थाने लाया गया है। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सूचना देकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
हादसे के बीच उठी ट्रॉमा सेंटर की मांग
सोमवार को कस्बे की पंचायत समिति में लाभार्थी सम्मेलन आयोजित किया जा रहा था। इसी दौरान हादसे की सूचना मिलने पर कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा, विधायक ताराचंद सारस्वत और राज्यमंत्री रामगोपाल सुथार ने गहरा दुख जताया।
जनसुनवाई के दौरान क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर की कमी का मुद्दा भी उठाया गया। लोगों ने कहा कि हाईवे पर लगातार हादसे होते हैं, लेकिन समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने से कई लोगों की जान चली जाती है। मंत्री गोदारा ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और श्रीडूंगरगढ़ में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना के लिए गंभीर प्रयास करने का आश्वासन दिया।
























