NEXT 2 जुलाई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। क्षेत्र के गांव धनेरू की बुरलाई तलाई स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा होते-होते टल गया। विद्यालय के बरामदे की छत और पट्टियां अचानक भरभराकर नीचे गिर गईं। गनीमत रही कि उस समय सभी बच्चे खुले में पढ़ाई कर रहे थे, जिससे 75 विद्यार्थियों की जान बच गई।

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सोनू मीणा ने बताया कि भवन की जर्जर हालत को देखते हुए बच्चों की कक्षाएं पहले से ही खुले में संचालित की जा रही थीं। गुरुवार सुबह बरामदे की छत अचानक टूटकर गिर गई। यदि उस समय बच्चे बरामदे में होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
19 जून को जर्जर घोषित किया था भवन
प्रधानाध्यापिका ने बताया कि 19 जून को पीडब्ल्यूडी की टीम ने विद्यालय का निरीक्षण कर दो कमरों और बरामदे को जर्जर घोषित किया था। इसके बाद उन्होंने कई बार शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर भवन की स्थिति से अवगत कराया, लेकिन अब तक न तो किसी अधिकारी ने विद्यालय का दौरा किया और न ही भवन की मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था की गई।
3 स्टाफ, 75 विद्यार्थियों का नामांकन
विद्यालय में प्रधानाध्यापिका सहित कुल तीन कार्मिक कार्यरत हैं, जबकि यहां 75 विद्यार्थियों का नामांकन है। भवन असुरक्षित होने के कारण विद्यार्थियों को खुले में पढ़ाया जा रहा था। प्रधानाध्यापिका की इसी सावधानी के चलते गुरुवार को बड़ा हादसा टल गया।
भाजपा नेता ने कार्रवाई की मांग की
घटना पर भाजपा नेता आईदान पारीक ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जर्जर भवन की सूचना पहले से होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और क्षेत्र के सभी जर्जर विद्यालयों का तत्काल सर्वे कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
बड़ा सवाल
स्कूल भवन को जर्जर घोषित किए जाने के 14 दिन बाद भी यदि न मरम्मत हुई और न ही वैकल्पिक व्यवस्था, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या शिक्षा विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा?






















