बीकानेर में संभागीय कार्यशाला; राज्यमन्त्री रामगोपाल सुथार बोले- ओबीसी परंपराओं और महिलाओं के अधिकारों का भी रखा जाए ध्यान
NEXT 2 जुलाई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। राजस्थान समान नागरिक संहिता (यूसीसी)-2026 का प्रभावी और सर्वसमावेशी प्रारूप तैयार करने के लिए राज्य सरकार ने आमजन से सुझाव मांगे हैं। गुरुवार को बीकानेर विकास प्राधिकरण सभागार में आयोजित संभाग स्तरीय कार्यशाला में प्रारूप समिति की सदस्य डॉ. शुचि चौहान ने कहा कि विवाह, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे मामलों में समान कानून बनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने बताया कि 10 जुलाई तक लोग अपने सुझाव उपखंड, तहसील कार्यालय या यूसीसी की वेबसाइट पर दे सकते हैं।

कार्यशाला में श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने कहा कि समान नागरिक संहिता संविधान की भावना के अनुरूप सभी वर्गों की सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करते हुए लागू होनी चाहिए। उन्होंने ओबीसी समाज के हितों से जुड़े छह सुझाव देते हुए महिलाओं के संपत्ति एवं उत्तराधिकार अधिकारों को स्पष्ट और प्रभावी बनाने, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रक्रियाओं को सरल रखने तथा किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं होने पर जोर दिया।
संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने कहा कि प्रभावी विधेयक तैयार करने के लिए व्यापक जनभागीदारी आवश्यक है। उन्होंने संभाग के सभी जिलों से प्राप्त सुझावों को निर्धारित समय सीमा में प्रारूप समिति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
गृह विभाग की संयुक्त शासन सचिव अंजलि राजोरिया ने बताया कि राज्य सरकार ने यूसीसी का प्रारूप तैयार करने के लिए समिति गठित की है, जो संभाग स्तर पर जनसुनवाई और परामर्श बैठकों के जरिए विभिन्न वर्गों से सुझाव ले रही है।
बैठक में जिला कलक्टर निशांत जैन, अतिरिक्त जिला कलक्टर (नगर) रीना, बीकानेर विकास प्राधिकरण सचिव हेमेन्द्र नागर, प्रशिक्षु आईएएस मनु गर्ग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। चूरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के जिला कलक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। विभिन्न धर्मगुरुओं, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव दिए।






















