6 नवंबर को सरपंच-पंच का मतदान, 7 को उपसरपंच का चुनाव; प्रत्याशियों के लिए चुनावी दीवाली, व्यापारियों के लिए खाली बाजार की चिंता
NEXT 3 अक्टूबर, 2026 श्रीडूंगरगढ़। इस बार धनतेरस और पंचायतीराज चुनाव का ऐसा संयोग बना है कि गांवों में दीपावली से पहले वोटों की बरसात होगी और श्रीडूंगरगढ़ के बाजार में खरीदारों की कमी नजर आ सकती है। श्रीडूंगरगढ़ व रिड़ी पंचायत में सरपंच और पंच पद के लिए 6 नवंबर को मतदान होगा, जबकि 7 नवंबर को उपसरपंच का चुनाव होगा। खास बात यह है कि 6 नवंबर को धनतेरस और 7 नवंबर को छोटी दीपावली है।
सरपंच और पंच पद के लिए मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा और मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन मतगणना भी करवाई जाएगी। ऐसे में 6 नवंबर की शाम तक गांवों में चुनावी नतीजों का माहौल बन जाएगा। किसी प्रत्याशी के घर जीत की मिठाई बंटेगी तो किसी के चुनावी अरमानों पर पानी फिर सकता है। यानी इस बार कुछ परिवारों के लिए धनतेरस ही जीत का ‘तोहफा’ लेकर आएगी।
गांव में चुनावी चौपाल, बाजार में ग्राहक का इंतजार
चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, गांवों में चुनावी चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रत्याशी और समर्थक मतदाताओं से संपर्क में जुटे हैं। चौपालों पर हार-जीत के समीकरण लगाए जा रहे हैं। ऐसे में 6 नवंबर को ग्रामीण क्षेत्र का बड़ा हिस्सा मतदान केंद्रों पर नजर आएगा।
इसका सीधा असर श्रीडूंगरगढ़ के बाजार पर पड़ने की चर्चा भी शुरू हो गई है। शहर का व्यापार काफी हद तक ग्रामीण ग्राहकों पर निर्भर है और धनतेरस पर ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए शहर पहुंचते हैं। लेकिन इस बार उसी दिन मतदान होने के कारण ग्रामीणों के शहर आने की संभावना कम मानी जा रही है।
इस बार बाजार में ‘धनतेरस’ या चुनावी सन्नाटा?
धनतेरस पर सोना-चांदी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, बर्तन, वाहन सहित अन्य सामान की खरीदारी होती है। लेकिन चुनावी कार्यक्रम ने व्यापारियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। ग्रामीण मतदाता पहले मतदान को प्राथमिकता देगा या धनतेरस की खरीदारी को- इसका असर बाजार की रौनक पर दिखाई देगा।
7 नवंबर को छोटी दीपावली के दिन भी उपसरपंच का चुनाव होगा। यानी लगातार दो दिन गांव चुनावी रंग में रंगे रहेंगे। ऐसे में श्रीडूंगरगढ़ के बाजार में दीपावली की खरीदारी को लेकर व्यापारियों की निगाहें ग्रामीण ग्राहकों पर टिकी रहेंगी।
अब असली सवाल यही है- 6 नवंबर की धनतेरस किस प्रत्याशी के घर जीत की लक्ष्मी लेकर आएगी और श्रीडूंगरगढ़ के बाजार में कितनी ‘धनवर्षा’ होगी? इसका जवाब मतदान और उसके बाद आने वाले नतीजे देंगे।



















