श्रीडूंगरगढ़ में दो छात्रावासों में जागरूकता कार्यक्रम, पात्र युवाओं से परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की अपील
NEXT 17 अक्टूबर, 2026 श्रीडूंगरगढ़। लोकतंत्र में भागीदारी की शुरुआत मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने से होती है। इसी उद्देश्य से शुक्रवार को श्रीडूंगरगढ़ के दो छात्रावासों में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। ‘कोई भी पात्र मतदाता न छूटे’ थीम के तहत आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया समझाई गई और मतदान के महत्व की जानकारी दी गई।

निर्वाचन प्रकोष्ठ की ओर से कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बालिका छात्रावास और डॉ. बी. आर. अंबेडकर राजकीय छात्रावास में आयोजित कार्यक्रमों में उपखंड अधिकारी झंवरलाल मित्तल ने पात्र बालक-बालिकाओं से फॉर्म संख्या-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने का आह्वान किया।
नायब तहसीलदार (निर्वाचन) रमेश सिंह चौहान ने विद्यार्थियों को पंजीकरण की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए लोकतंत्र में मतदान के महत्व को समझाया। उन्होंने पात्र युवाओं को मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के लिए प्रेरित किया।
हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना जरूरी
डॉ. बी. आर. अंबेडकर राजकीय छात्रावास के प्रभारी अधिकारी राकेश कुमार ने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना जरूरी है, ताकि वह अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में भागीदारी निभा सके।
वहीं, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय बालिका छात्रावास में रूपा देवी मोहता राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, श्रीडूंगरगढ़ की कार्यवाहक प्रधानाचार्य एवं उपप्राचार्य सुप्रिया शर्मा ने बालिकाओं को अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। छात्रावास वार्डन मंजू ने बताया कि अभियान का उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता पंजीकरण के प्रति जागरूक करना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करना है।
बीएलओ ने बताई पंजीकरण की प्रक्रिया
कार्यक्रम में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) सांवरमल रैगर, अरविन्द कुमार और श्यामसुंदर निर्वाण ने विद्यार्थियों को नवमतदाता पंजीकरण के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने पात्र युवाओं से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी मतदान के प्रति जागरूक करने की अपील की।
कार्यक्रम में निर्वाचन प्रकोष्ठ के मोहम्मद आरिफ भाटी, लीलाराम मीणा, विनोद शर्मा और ओमप्रकाश का सहयोग रहा।































