तीन साल की उम्र में दुर्घटना में हुई थी मृत्यु, मान्यता के चलते हर साल जुटते हैं श्रद्धालु
NEXT 17 अक्टूबर, 2026 श्रीडूंगरगढ़। कस्बे के बिग्गा बास में शनिवार को रिधु बाईसा के धाम से भव्य झांकी और कलश यात्रा निकाली गई। इसमें बास के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। दिनेश प्रजापत ने बताया कि शनिवार रात को रिधु बाईसा के मंदिर में भव्य जागरण का आयोजन होगा।
बिग्गा बास में पशु अस्पताल के पीछे स्थित एक मकान में रिधु बाईसा का धाम बना हुआ है। यहां उनका छोटा-सा मंदिर है। मान्यता के अनुसार, करीब तीन वर्ष की अल्पायु में एक दुर्घटना में रिधु बाईसा का निधन हो गया था। इसके बाद उनके चमत्कारिक पर्चे होने की मान्यता के चलते आसपास के पड़ोसियों सहित कस्बे के लोगों की आस्था उनसे जुड़ती गई।
हर साल जुटते हैं श्रद्धालु: रिधु बाईसा के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था के चलते हर वर्ष उनके वार्षिक आयोजन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इस अवसर पर धार्मिक कार्यक्रमों के साथ जागरण भी आयोजित किया जाता है। शनिवार दोपहर निकाली गई झांकी और कलश यात्रा में श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ भाग लिया।





























