29 अक्टूबर से नए नियम लागू, सर्राफा कारोबारियों को Class-I या Class-II श्रेणी के कांटों से ही करनी होगी तौल; गड़बड़ी पर 14435 पर करें शिकायत
NEXT 30 अक्टूबर, 2026 श्रीडूंगरगढ़। दिवाली पर सोना-चांदी खरीदने बाजार जा रहे हैं तो इस बार तौल को लेकर उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। सोने-चांदी की खरीद-बिक्री में कम तौल की आशंका खत्म करने और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार ने नए नियम लागू कर दिए हैं। अब सर्राफा कारोबारियों को बहुमूल्य धातुओं की तौल के लिए विशेष सटीकता वाले कांटों का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा। नए नियम 29 अक्टूबर से लागू हो चुके हैं।
उपभोक्ता मामले विभाग ने राजस्थान विधिक मापविज्ञान (प्रवर्तन) (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं। इसके तहत सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य धातुओं की खरीद-बिक्री में Class I (विशेष सटीकता) या Class II (उच्च सटीकता) श्रेणी के कांटों का उपयोग करना होगा। इन कांटों का सत्यापन अंतराल 1 मिलीग्राम या उससे कम होना जरूरी है। यानी अब बेहद कम वजन की तौल में भी सटीकता सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना होगा।
व्यापारियों को रखने होंगे वैध प्रमाण-पत्र
नए नियमों के अनुसार स्वर्णकारों और सर्राफा व्यापारियों को अपने कांटों का नियमानुसार सत्यापन करवाना होगा। साथ ही सत्यापन प्रमाण-पत्र भी वैध रखना होगा। वर्तमान में उपयोग किए जा रहे कांटे निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं तो व्यापारियों को उन्हें बदलकर नियमों के अनुसार कांटों की व्यवस्था करनी होगी।
तौल में गड़बड़ी पर यहां करें शिकायत
उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य सोना-चांदी की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता लाना और उपभोक्ताओं को उनके भुगतान के अनुरूप सही मात्रा उपलब्ध करवाना है। विभाग ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि खरीदारी के दौरान तौल पर ध्यान दें। यदि किसी प्रतिष्ठान पर तौल में अनियमितता सामने आती है तो राजस्थान उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 14435 पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।





















