कल्याणसर के 19 वर्षीय शिवरतन महिया को सिकंदराबाद में दबोचा, जैतासर के ओमप्रकाश नैन ने 2.20 लाख रुपए में तय किया था सौदा
NEXT 3 नवम्बर, 2026 श्रीडूंगरगढ़। नकली नोटों के कारोबार में श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के युवकों के नाम सामने आने का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब तेलंगाना के सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए गांव कल्याणसर निवासी 19 वर्षीय शिवरतन महिया को 60 लाख रुपए के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी जयपुर से नकली नोटों की खेप लेकर हैदराबाद के रास्ते मुंबई जा रहा था। मामले में क्षेत्र के ही गांव जैतासर निवासी ओमप्रकाश नैन का नाम भी सामने आया है, जो फिलहाल फरार बताया जा रहा है।

प्राप्ति जानकारी के अनुसार, 31 अक्टूबर को सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर 10 पर मुंबई एलटीटी एक्सप्रेस के जनरल कोच में सवार शिवरतन को संदिग्ध मानकर रोका गया। उसके बैग की तलाशी लेने पर 500 रुपए के नकली नोटों के 12 बंडल बरामद हुए। इनकी कुल कीमत 60 लाख रुपए बताई गई है। नोटों की गड्डियों में ऊपर और नीचे असली नोट तथा बीच में नोटों के आकार के सफेद कागज लगाए गए थे।
2.20 लाख रुपए में तय हुआ था खेप पहुंचाने का सौदा
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि शिवरतन ने 60 लाख रुपए के नकली नोट जयपुर से मुंबई पहुंचाने के लिए 2.20 लाख रुपए में सौदा किया था। यह काम उसे जैतासर निवासी 25 वर्षीय ओमप्रकाश नैण ने सौंपा था। बताया गया कि 28 अक्टूबर को ओमप्रकाश ने जयपुर रेलवे स्टेशन पर शिवरतन को नकली नोटों से भरा बैग दिया और पहले हैदराबाद तथा फिर मुंबई पहुंचाने के निर्देश दिए।
बाढ़ ने बदला ट्रेन का रास्ता, दस मिनट में पकड़ा गया
योजना के अनुसार शिवरतन मैसूरु एसएफ एक्सप्रेस से काचेगुड़ा पहुंचा और वहां एक लॉज में रात बिताई। अगले दिन बाढ़ के कारण कोणार्क एक्सप्रेस रद्द हो गई तो ओमप्रकाश ने उसे सिकंदराबाद से मुंबई जाने वाली एलटीटी एक्सप्रेस पकड़ने को कहा। शिवरतन 31 अक्टूबर को दोपहर करीब 1:20 बजे ट्रेन में सवार हुआ। इसके महज दस मिनट बाद ही संयुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया।
पहले भी पकड़ी जा चुकी है नकली नोटों की बड़ी खेप
गौरतलब है कि गत दिनों श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने भी बड़ी मात्रा में इसी तरह के नकली नोट पकड़े थे। अब सिकंदराबाद की कार्रवाई में भी क्षेत्र के दो गांवों के युवकों के नाम सामने आने से नकली नोटों के नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच एजेंसियां गिरोह के स्थानीय संपर्कों, नकली नोटों के स्रोत और मुंबई तक इसके नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। फरार ओमप्रकाश की तलाश जारी है।




















