3 से 5 मार्च 2027 तक रहेंगे श्रीडूंगरगढ़ में, अंतिम दिन नवनिर्माणाधीन इंटरनेशनल स्कूल में होगा प्रवास
NEXT 4 अक्टूबर, 2026 श्रीडूंगरगढ़। जैन समाज सहित सकल श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के लिए खुशखबरी है। तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य महाश्रमण का अब श्रीडूंगरगढ़ में तीन दिवसीय प्रवास रहेगा। आचार्य महाश्रमण 3, 4 और 5 मार्च 2027 को श्रीडूंगरगढ़ में प्रवास करेंगे। पहले उनका दो दिवसीय प्रवास प्रस्तावित था, लेकिन श्रद्धालुओं की विनती पर एक दिन और बढ़ा दिया गया है।
सभाध्यक्ष सुशीला पुगलिया ने बताया कि पहले आचार्य महाश्रमण का 3 और 4 मार्च को प्रवास निर्धारित था। सभाध्यक्ष सहित श्रीडूंगरगढ़ के श्रद्धालुओं ने प्रवास की अवधि बढ़ाने की विनती की थी, जिसे स्वीकार करते हुए अब 5 मार्च का दिन भी प्रवास में शामिल किया गया है। तीसरे दिन आचार्य का प्रवास नवनिर्माणाधीन आचार्य महाश्रमण इंटरनेशनल स्कूल में रहेगा।
आचार्य महाश्रमण के तीन दिवसीय प्रवास की सूचना मिलते ही श्रीडूंगरगढ़ के जैन समाज सहित जैनेतर समाज में भी उत्साह का माहौल है। उनके आगमन और स्वागत की तैयारियों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रवास अवधि बढ़ाने पर आचार्य के प्रति कृतज्ञता जताई है।
गौरतलब है कि आचार्य महाश्रमण शांति, संयम और अध्यात्म के ध्येय के साथ 24 फरवरी 2027 को लाडनूं जैन विश्व भारती से प्रस्थान करेंगे और छापर, चाड़वास, बीदासर होते हुए त्रिदिवसीय प्रवास के लिए श्रीडूंगरगढ़ पदार्पण करेंगे। उसके बाद यहां से राजलदेसर, पायली, रतनगढ़, पल्लू, सूरतगढ़, पीलीबंगा, ढाबा झालार, रायसिंहनगर, गजसिंहपुर, पदमपुर, श्री गंगानगर, सहित पंजाब हरियाणा सीमा के नजदीकी क्षेत्रों में पदयात्रा करते हुए हरियाणा मार्ग से 8 जुलाई को दिल्ली प्रवेश करेंगे। आचार्य महाश्रमण का 12 जुलाई 2027 को चातुर्मास के लिए अध्यात्म साधना केंद्र परिसर दिल्ली में प्रवेश होगा।




















