सीईओ बोलीं- खाद की कमी नहीं आने देंगे, फसल बीमा के लंबित क्लेम जल्द निपटाएं
NEXT 29 मई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने सभी विभागों को अलर्ट मोड पर काम करने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलजा पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि, उद्यान, कृषि विपणन और पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में खरीफ फसलों की बुवाई, उर्वरक उपलब्धता, फसल बीमा, मंडी व्यवस्था और विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में संयुक्त निदेशक कृषि मदन लाल ने बताया कि जिले में इस बार मूंगफली की बुवाई 75 हजार हेक्टेयर तथा कपास की बुवाई 26 हजार 200 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित है। मानसून शुरू होने के साथ अन्य खरीफ फसलों की बुवाई भी शुरू हो जाएगी। इस पर सीईओ ने बुवाई क्षेत्र और फसलवार प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
खाद की उपलब्धता पर्याप्त, गुणवत्ता जांच के निर्देश
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि खरीफ सीजन के लिए जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। इस पर सीईओ शैलजा पाण्डेय ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने और गुणवत्ता नियंत्रण के तहत सभी नमूनों की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2025 के लंबित क्लेमों का जल्द निस्तारण करने को कहा।
नोखा मंडी के लिए भूमि चिन्हीकरण जल्द होगा
कृषि विपणन विभाग की समीक्षा में मंडी सचिव ने बताया कि मंडी फीस संग्रहण लक्ष्य के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। सीईओ ने मंडियों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने और बजट घोषणाओं की प्रभावी क्रियान्विति के निर्देश दिए। नोखा में नई मंडी स्थापना के लिए भूमि चिन्हीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को भी कहा गया।
मानसून से पहले पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान जिले के पशु चिकित्सालयों और उपकेंद्रों की गतिविधियों की जानकारी दी गई। सीईओ ने आगामी मानसून सत्र से पहले पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने और टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही नि:शुल्क दवा योजना के तहत दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने को कहा।
सूक्ष्म सिंचाई और पौधारोपण पर जोर
उद्यान विभाग की समीक्षा में राष्ट्रीय बागवानी मिशन, ड्रिप और स्प्रिंकलर योजनाओं, प्रधानमंत्री कुसुम योजना तथा हरियालो राजस्थान अभियान की प्रगति पर चर्चा हुई। अधिकारियों को अधिक से अधिक पौधारोपण कराने और सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं के लंबित प्रकरणों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।



















