कोर्ट में इस्तगासा पेश; पति, सास व अन्य पर मारपीट, प्रताड़ना और स्त्रीधन हड़पने का आरोप
NEXT 16 जून, 2026 श्रीडूंगरगढ़। नोखा निवासी दो सगी बहनों ने अपने पति, सास व अन्य पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने तथा स्त्रीधन हड़पने का आरोप लगाते हुए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीडूंगरगढ़ न्यायालय में इस्तगासा पेश किया है।
इस्तगासे के अनुसार, उगमपुरा मोहल्ला नोखा की मूल निवासी तथा वर्तमान में लिखमीसर दिखणादा में रह रही सावित्री और किशना की शादी वर्ष 2008 में क्रमशः अशोक कुमार और कालूराम के साथ हुई थी। विवाह के समय दोनों पक्षों की ओर से सोने-चांदी के आभूषण, घरेलू सामान और नकदी सहित विभिन्न उपहार दिए गए थे, जिन्हें प्रार्थिनियों ने अपना स्त्रीधन बताया है।
शादी के बाद शुरू हुई दहेज की मांग
प्रार्थिनियों का आरोप है कि शादी के बाद ससुराल पक्ष ने दहेज कम मिलने की बात कहकर एक लाख रुपये नकद और अतिरिक्त सोने के गहनों की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी नहीं होने पर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। आरोप है कि कई बार भूखा रखा गया, कमरे में बंद किया गया तथा घरेलू कार्य करवाने के दौरान मारपीट की गई।
लाठी से हमला, सिर में आए थे टांके
इस्तगासे में बताया गया है कि करीब दो वर्ष पूर्व अशोक कुमार ने सावित्री के सिर पर लाठी से वार किया, जिससे उसका सिर फट गया और उपचार के दौरान कई टांके लगाने पड़े। वहीं दोनों पति शराब के नशे में अक्सर गाली-गलौज और मारपीट करते थे। बच्चों के साथ भी दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए गए हैं।
मारपीट कर बच्चों सहित घर से निकाला
प्रार्थिनियों का आरोप है कि 28 मार्च 2026 को सभी आरोपी एकराय होकर आए और दहेज की मांग को लेकर उनके साथ मारपीट की। इसके बाद उनके पहने हुए गहने उतरवा लिए और बच्चों सहित घर से निकाल दिया। सूचना मिलने पर उनका भाई उन्हें नोखा से वापस लिखमीसर दिखणादा लेकर आया।
पंचायती में भी नहीं बनी बात
इस्तगासे के अनुसार, करीब 15 दिन पहले दोनों पक्षों के बीच सामाजिक स्तर पर पंचायती हुई, लेकिन आरोपी पक्ष ने कथित रूप से एक लाख रुपये और सोने के गहने मिलने तक महिलाओं को साथ रखने से इंकार कर दिया। साथ ही स्त्रीधन लौटाने से भी मना कर दिया।
प्रार्थिनियों ने न्यायालय से एफआईआर दर्ज करने, आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा उनका स्त्रीधन बरामद कर उन्हें वापस दिलाने के आदेश देने की मांग की है।



















