NEXT 12 सितम्बर, 2026 श्रीडूंगरगढ़। राजकीय विधि स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ‘नई किरण नशामुक्त भारत अभियान’ के तहत नशामुक्ति एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के साथ इससे बचाव और नशामुक्ति के उपायों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. भगवान राम बिश्नोई ने कहा कि नशा आज गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुका है। इसका असर व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ उसके परिवार और समाज पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस दौरान स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए विद्यार्थियों ने नशामुक्ति का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि एवं वक्ता डॉ. हरमीत सिंह ने विद्यार्थियों को नशे के विभिन्न प्रकार और उनके शारीरिक व सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नशे की लत को केवल अपराध के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह एक बीमारी है, जिसका उपचार और पुनर्वास संभव है। उन्होंने कहा कि कई अपराधों के पीछे नशे की भूमिका होती है, इसलिए नशामुक्त समाज के निर्माण में जागरूकता सबसे अहम है।
डॉ. सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे करीब एक हजार लोगों को नशे से मुक्त कराने और उनके पुनर्वास में सहायता कर चुके हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और नशामुक्त भारत के निर्माण में योगदान देने की शपथ दिलाई गई। संचालन डॉ. रितु चौधरी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. कुमुद जैन ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय का शैक्षणिक स्टाफ मौजूद रहा और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।




















