NEXT 13 जून, 2026 श्रीडूंगरगढ़। कस्बे में पार्थिव शिवलिंग यानी मिट्टी से बने शिवलिंग की पूजा-अर्चना के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ रही है। हर महीने आने वाली मासिक शिवरात्रि पर अब बड़ी संख्या में लोग घरों में ही पार्थिव शिवलिंग बनाकर भगवान शिव का पूजन कर रहे हैं। इसी क्रम में मासिक शिवरात्रि के अवसर पर कस्बे के एक परिवार में श्रद्धा और विधि-विधान के साथ पार्थिव शिवलिंग की स्थापना कर विशेष पूजा-अर्चना की गई।
कवयित्री सीमा भोजक ने बताया कि मासिक शिवरात्रि का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन मिट्टी से निर्मित पार्थिव शिवलिंग का पूजन करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। धार्मिक ग्रंथों में भी पार्थिव शिवलिंग पूजन को महत्वपूर्ण बताया गया है। मान्यता है कि इस पूजा से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
पूजन के दौरान पार्थिव शिवलिंग का गंगाजल, दूध, दही, शहद और शुद्ध जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद बेलपत्र, पुष्प, धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित कर भगवान शिव का पूजन किया गया। परिवार के सदस्यों ने “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते हुए क्षेत्र की खुशहाली, परिवार की सुख-समृद्धि और सभी के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
सीमा भोजक ने बताया कि वर्तमान समय में लोगों का झुकाव वैदिक और सनातन परंपराओं की ओर बढ़ रहा है। यही कारण है कि पार्थिव शिवलिंग पूजन जैसी प्राचीन धार्मिक परंपराएं भी पुनः लोकप्रिय हो रही हैं। विशेषकर मासिक शिवरात्रि पर घर-घर में भगवान शिव की आराधना का वातावरण देखने को मिल रहा है।
धार्मिक जानकारों के अनुसार पार्थिव शिवलिंग पृथ्वी तत्व का प्रतीक माना जाता है। मिट्टी से शिवलिंग बनाकर उसकी पूजा करने से व्यक्ति के भीतर विनम्रता, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है। श्रीडूंगरगढ़ में भी इस परंपरा के प्रति बढ़ती आस्था सनातन संस्कृति के प्रति लोगों के गहरे जुड़ाव को दर्शा रही है।




















