श्रीडूंगरगढ़ माहेश्वरी सभा की तैयारियां पूरी, पुरुष सफेद कुर्ता-पायजामा और महिलाएं लाल-पीली साड़ी में होंगी शामिल
NEXT 21 जून, 2026 श्रीडूंगरगढ़। श्रीडूंगरगढ़ माहेश्वरी सभा के तत्वावधान में आयोजित होने वाले महेश नवमी महोत्सव को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 23 जून को होने वाले मुख्य आयोजन से पूर्व सोमवार 22 जून को शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा सायं 4:15 बजे कालूबास स्थित माहेश्वरी भवन से रवाना होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए आड़सर बास स्थित माहेश्वरी सेवा सदन और बिग्गा बास स्थित महेश भवन पहुंचेगी।
सभा पदाधिकारियों ने बताया कि शोभायात्रा में आकर्षक झांकियां, बैंड-बाजे और धार्मिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। आयोजन को लेकर समाज के लोगों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था
समाजबंधुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में ऑटो की विशेष व्यवस्था की गई है। बिग्गा बास में गणेशजी मंदिर के पास, आडसर बास में राम मंदिर (माहेश्वरी सेवा सदन) तथा कालूबास में नेहरू पार्क के पास से श्रद्धालु ऑटो सुविधा का लाभ ले सकेंगे।
ड्रेस कोड रहेगा अनिवार्य
आयोजकों ने शोभायात्रा में शामिल होने वाले समाजबंधुओं से निर्धारित ड्रेस कोड में पहुंचने का आग्रह किया है। पुरुषों के लिए सफेद कुर्ता-पायजामा तथा महिलाओं के लिए लाल और पीले रंग की साड़ी निर्धारित की गई है। शोभायात्रा के समापन के बाद बिग्गा बास स्थित महेश भवन में महाप्रसाद का आयोजन होगा।
अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील
सभा अध्यक्ष नारायण प्रसाद कलानी, मंत्री भैंरूंदान मोहता तथा प्रचार मंत्री मनोज डागा और जयकिशन बाहेती ने समाज की माताओं, बहनों और भाइयों से अधिकाधिक संख्या में शोभायात्रा में शामिल होकर भगवान महेश का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।
तैयारियों को लेकर हुई बैठक
महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए आयोजित बैठक में रामचंद्र राठी, संजय करनानी, भगवान चांडक, कन्हैयालाल सोमानी, विनोद राठी, अशोक बिहानी, जगदीश राठी, अमित करवा, मदन बलदेवा, मगराज मूंधड़ा, सोहनलाल बिहानी, अशोक लखोटिया, हरिप्रसाद तापड़िया, कमल पेड़ीवाल, रामोतार मूंधड़ा, शिवरतन मूंधड़ा, सुरेश सोमानी, द्वारका प्रसाद लखोटिया, राकेश बिहानी, राधेश्याम तापड़िया, जगदीश सोमानी और सुशील डागा सहित अनेक समाजबंधु मौजूद रहे। बैठक में महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया गया।



















