NEXT 23 जून, 2026 श्रीडूंगरगढ़। नशीली दवाओं की बरामदगी के मामले में गिरफ्तार आरोपी रफीक पुत्र सफी दर्जी निवासी बाड़ेला को अदालत से राहत नहीं मिली। अपर सेशन न्यायाधीश कृष्णकांत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने दलील दी कि रफीक को झूठा फंसाया गया है तथा उसके पास से कोई नशीली टेबलेट बरामद नहीं हुई। ऐसे में उसे जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए।
वहीं अपर लोक अभियोजक सोहन नाथ सिद्ध ने जमानत का विरोध करते हुए मामले को गंभीर अपराध बताया। उन्होंने अदालत को बताया कि इसी प्रकरण में सह-आरोपी दीनदयाल और हरिप्रसाद की जमानत याचिकाएं पहले ही खारिज की जा चुकी हैं। इसलिए रफीक को भी जमानत का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए।
नाकाबंदी के दौरान पकड़े गए थे आरोपी
पुलिस के अनुसार 9 मई 2026 को दोपहर करीब 2:20 बजे श्रीडूंगरगढ़ पुलिस नाकाबंदी कर रही थी। इस दौरान एक बाइक को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन बाइक सवार दोनों युवक भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर उन्हें रोक लिया।
तलाशी में बाइक चालक रफीक और पीछे बैठे दीनदयाल के पास से एक प्लास्टिक कट्टे में ट्रामाडोल के 10 पैकेट और एलप्राजोलम के 26 पैकेट बरामद किए गए। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने यह नशीली दवाएं हरिप्रसाद से खरीदना बताया था।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद रफीक की जमानत याचिका अस्वीकार करते हुए खारिज कर दी।



















